जब सत्र टल गया तो किसका इंतजार, वर्धा डबल डेकर पुलिया को खोलने में ढिलाई

नागपुर. कठीन परिश्रम और लंबे इंतजार के बाद  वर्धा  रोड  डबल  डेकर  पुलिया बन कर तैयार हो चुका है, लेकिन इसे बे वजह राजनीतिक मुद्दा बनाकर पुलिया को नहीं खोला जा रहा है. महाविकास आघाड़ी सरकार नागपुर में होने वाले शीत सत्र के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों पुलिया का उद्घाटना करने के फिराक में थी. किंतु इस वर्ष शीत सत्र मुंबई में लिया जा रहा है. जब नागपुर से सत्र टल ही गया है तो पुलिया को खोलने में किसका इंतजार किया जा रहा है यह सवाल जनता पूछ रही है. 

आचार संहिता के कारण नहीं खोल सकते पुलिया

पुलिया तैयार होने के बाद भी यातायात के लिए शुरू नहीं किये जाने पर जनता का सब्र का बांध टूटता जा रहा है. वाहन चालकों की समस्याओं को देखते हुए सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों द्वारा कई बार मेट्रो अधिकारियों को चेतावनी दी गई है. बावजूद इसके जानबूझकर पुलिया को खोलने में ढिलाई बरती जा रही है. सरकारी सूत्रों ने दावा किया है कि स्नातक वाली आचार सहिंता लगी है इसलिए प्रशासन फ्लाईओवर को को नहीं खोल रहा है.

दीपावली के बाद खोलेगे पुलिया-यादव

सामाजिक कार्यकर्ता करण यादव का कहना है कि वर्धा  रोड  का  डबल  डेकर  पुलिया केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मेहनत से बना है, लेकिन महाविकास आघाड़ी की सरकार मुख्यमंत्री के हाथों इस पुलिया का उद्घाटन कर इसका श्रेय अपने नाम करने में जूटी हुई है. जब पुलिया नितिन गडकरी ने बनाया है तो उद्घाटन भी उन्हीं के हाथों होना चाहिए.

पुलिया पूरी तहर बन कर तैयार हो चुका है. बिना किसी कारण के पुलिया को नागरिकों के यातायात के लिए नहीं खोला जा रहा है. इससे पुलिया के नीचे यातायात के दौरान भारी परेशानी हो रही है. यदि जल्द ही पुलिया को शुरू नहीं किया गया तो भाजप के कार्यकर्ताओं द्वारा ही दीपावली के बाद पुलिया को खोलने की चेतावनी उन्होंने दी. 

जनता के पैसों से बना पुलिया फिर इंतजार क्यों

पुलिया के नीचे हवाई अड्डे से अजनी चौक तक कई स्थानों पर वाहन चालकों को यातायात में दिक्कत हो रही है. कहीं सड़कों पर फैला हुआ मलबा तो कहीं स्टेशन के कार्य में लगे हुए बैरिकेड के कारण संकरी सड़कों से आवाजाही में बाधा निर्माण हो रही है. रेडिसन होटल चौक वाहन चालकों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है. संकरी सड़क होने के कारण ट्रैफिक से निकलने के लिए चालकों को दूसरे ग्रीन सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है.

वहीं छत्रपति चौक पर मेट्रों का मलबा पड़ा होने से दुर्घटना के आसार काफी बढ गए है. ऐसे में पुलिया तैयार होने पर भी उसे जनता के लिए नहीं खोलना जनहित के खिलाफ है. पुलिया बनाने में जतना का पैसा लगा है, इसलिए इसे बिना किसी के इंतजार के खोल देना चाहिए.