Bribe

  • ACB ने 15,000 रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा

नागपुर. रिश्वतखोरी के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने हिंगना रजिस्ट्रार कार्यालय की महिला लिपिक को गिरफ्तार किया. उसे शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई निबंधक कार्यालयों में खलबली मच गई. पकड़ी गई महिला लिपिक अलका रवींद्र फेंडर (52) बताई गई.

अलका हिंगना के दुय्यम निबंधक कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक है. शिकायतकर्ता वकील है. वानाडोंगरी के महाजनवाड़ी परिसर में रहने वाले वकील के पक्षकार को जमीन खरीदनी थी. जमीन का सारा व्यवहार वकील द्वारा करने का वकालतनामा भी लिखकर दिया था. उनके माध्यम से जमीन का सौदा पक्का हो गया. दोनों पक्षों की अनुमति लेकर वकील ने हिंगना के दुय्यम निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए आवेदन दिया. दस्तावेजों के साथ लिपिक अलका फेंडर से मिले. अलका ने रजिस्ट्री करवाने की एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी. वकील ने मामले की शिकायत एसीबी से कर दी. इंस्पेक्टर संजीवनी थोरात ने प्राथमिक जांच की.

कार्यालय में बिछाया जाल

वेरिफिकेशन में वकील की शिकायत सही पाई गई. गुरुवार को अलका ने वकील को दस्तावेजों के साथ मिलने बुलाया. एसीबी की टीम ने रजिस्ट्रार कार्यालय में ही जाल बिछा लिया. रजिस्ट्री करवाने के लिए 20,000 रुपये मांगे. वकील ने इतने पैसे देने असमर्थता दिखाई तो वह 15,000 रुपये लेने पर मान गई. जैसे ही उसने रकम हाथ में ली, एसीबी के दल ने उसे दबोच लिया. उसके खिलाफ हिंगना थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया.

इसी के साथ एसीबी के दल ने उसके घर की तलाशी भी शुरू कर दी. देर रात तक जांच जारी थी. एसपी रश्मि नांदेड़कर और एडिशनल एसपी मिलिंद तोतरे के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर संजीवनी थोरात, हेड कांस्टेबल प्रवीण पडोले, सरोज बुधे, रेखा यादव, गीता चौधरी, प्रिया नेवारे और सिरसाट ने कार्रवाई की.