CEOs Kumbhejkar gave instructions to make list

  • उम्मीदवार के नाम भी हो गए तय

नागपुर. सुको द्वारा 50 फीसदी से अधिक आरक्षण हो जाने के चलते जिला परिषद की सभी 16 ओबीसी सीटों और पंचायत समितियों की 15 सीटों पर दोबारा चुनाव कराने का आदेश राज्य चुनाव आयोग को दिया है. आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सभी ओबीसी सदस्यों की सदस्यता भी रद्द कर दी है. अब आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम आने का इंतजार हो रहा है. इसी बीच तीनों पार्टियां भाजपा, कांग्रेस और राकां चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं.

राष्ट्रवादी कांग्रेस ने तो अपने उम्मीदवार तक तय कर लिये हैं. वह सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर चुकी है. जिलाध्यक्ष शिवराज बाबा गूजर ने बताया कि जिला परिषद की 16 सीटों और 2 एैसी सीटें जो कास्ट वैलिडिटी के चलते रद्द हुई हैं, कुल 18 सीटों में पार्टी अपने उम्मीदवार उतार रही है. इसके अलावा सभी 15 पंचायत समिति सीटों पर भी उम्मीदवार उतारेगी. राकां के सभी सीटों पर चुनाव लड़ने से जिप में समीकरण बदल सकता है.

कांग्रेस ने दिया था धोखा

बताते चलें कि जनवरी 2020 में हुए जिप चुनाव में कांग्रेस-राकां-शिवसेना ने मविआ बनाकर चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला तो उसने आघाड़ी धर्म को तिलांजलि देते हुए राकां को साइड में कर दिया. तब राकां ने उपाध्यक्ष के साथ ही एक सभापति पद की मांग की थी. खुद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह मांग रखी थी लेकिन कांग्रेस की ओर से सुनवाई नहीं हुई. तभी से राकां में नाराजगी थी. अब मौका मिला है तो वह पूरी सीट पर उम्मीदवार उतार रही है. फिलहाल जिप के 58 में से 18 की सदस्यता रद्द है. जिसमें 9 कांग्रेस, 4 राकां, 4 भाजपा और 1 शेकाप का सदस्य शामिल है. राकां चाहती है कि 18 में से अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेंगी तो जिप में उसका वजन बढ़ेगा और वह उपाध्यक्ष पद पर दावा ठोक सकती है. 

आला नेताओं से बात कर लिया निर्णय

गूजर ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल, गृह मंत्री अनिल देशमुख व प्रदेश व जिले के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत कर यह निर्णय लिया गया है. बीते महीने ही राकां प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल ‘परिवार संवाद यात्रा’ में जिले में आए थे. उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक ली थी. तब कार्यकर्ताओं ने आगे के चुनावों को स्वतंत्र रूप से लड़ने की भावना व्यक्त की थी. कांग्रेस ने जिप में पदाधिकारियों व सभापति पदों के लिए जिस तरह से धोखा दिया था उससे कार्यकर्ताओं में रोष है. उनकी भावनाओं को देखते हुए जिप व पंस की ओबीसी सीटों पर होने वाले उपचुनावों में सभी सीटें लड़ने का फैसला लिया गया है. कार्यकर्ताओं में उत्साह है राकां के इसे फैसले से कांग्रेसी खेमें अब धुकधुकी बढ़ गई है. वह अब 22 सीटों पर आ गई है और उसे पूरी 9 सीटें जीतनी होंगी तभी वह दोबारा पूर्ण बहुमत से सत्ता में काबिज हो पाएगी.