CEOs Kumbhejkar gave instructions to make list

  • आनलाइन सभा अनेक सदस्यों ने रखी अपनी बात

नागपुर. कोरोना काल में तीन महीनों के बाद हुई जिप की आनलाइन आमसभा का विपक्षी भाजपा ने बहिष्कार किया. विपक्ष का कहना है कि अगर सत्ताधारी पदाधिकारी व सीईओ ने सरकार से सभागृह में सभी सदस्यों की उपस्थिति में लाइव आमसभा का प्रस्ताव भेजा होता तो आनलाइन सभा नहीं लेनी पड़ती. विपक्ष के नेता अनिल निधान ने आरोप लगाया कि सत्ताधारियों को पता था कि विपक्ष शिक्षा, कृषि व अन्य विभागों में किये गए लाखों के घोटाले को उठाएगा, जिनका उनके पास कोई जवाब नहीं है. इसलिए जानबूझकर आनलाइन सभा ली गई. उन्होंने कहा कि हम सभा के रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं करेंगे और कलेक्टर को इस सभा को अवैध करार देने की मांग करेंगे.

आनलाइन सभा दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुई और भाजपा को छोड़कर सत्तापक्ष के अनेक सदस्यों ने इसमें सहभाग लेकर अपने सर्कल व पंचायत समितियों की समस्याओं को रखा. अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने सदस्यों के मुद्दों को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को दिशानिर्देश दिये. इस दौरान सभागृह में उपाध्यक्ष मनोहर कुंभारे, कृषि सभापति तापेश्वर वैद्य, विषय समिति सभापति भारती पाटिल, उज्वला बोढारे, नेमावली माटे, सीईओ योगेश कुंभेजकर व सभी विभाग प्रमुख व अधिकारी उपस्थित थे.

काली पट्टी और काला मास्क 

विपक्षी भाजपा के सभी सदस्य जिप मुख्यालय आए थे. सभी ने बाहों में काली फीत बांध और मुंह में काला मास्क लगाकर परिसर में सत्ताधारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. निधान ने कहा कि जिले में किसानों अब तक बाढ़ से हुए नुकसान का अनुदान नहीं मिला है. मंत्री वडेट्टीवार ने दौरा कर 10 हजार रूपये खावटी मदद और 21000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा की घोषणा की थी लेकिन बाढ़ग्रस्तों को केवल 5 हजार रुपये खावटी मिला और किसानों को 2-4 हजार रुपये की ही मदद मिली है. पूरे जिले में सोयाबीन, कपास, तुअर के साथ धान की फसल भी तबाह हुई है. हम सभा में किसानों को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाने वाले थे लेकिन लाइव सभा ही नहीं ली गई. वहीं बिना विपक्ष के हुई आनलाइन सभा में नरखेड़, कलमेश्वर, नागपुर पंचायत समिति सभापित, जिप सदस्य योगेश देशमुख, संजय झाड़े सहित अन्य सदस्यों ने अपनी सर्कल की समस्याओं के साथ ही किसानों को मदद का मुद्दा भी रखा.

बच गए अधिकारी 

आमसभा में अमूमन विविध विभागों के अधिकारी विपक्ष व सदस्यों के टारगेट रहते हैं. उन्हें ही आरोपों का जवाब देना होता है लेकिन आनलाइन सभा में विपक्ष शामिल नहीं हुआ जिससे वे टारगेट होने से बच गए. आनलाइन सभा से जुड़े सदस्यों ने अपनी बात जरूर रखी लेकिन आवाज क्लीयर नहीं होने के चलते कुछ आधा-अधूरा ही सुनाई दे रहा था. इससे यह संदेह ही है कि उनकी बात पूरी तरह सही सुनी गई हो और उसका निराकरण हो पाएगा.

हीरो बनने का स्टंट : बर्वे

जिप अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने विपक्ष के बहिष्कार की भूमिका को हीरो बनने का स्टंट बताया. उन्होंने कहा कि सभा की विषय पत्रिका में शामिल सभी प्रस्ताव पारित हो गए हैं. 3 महीनों के बाद सभा हुई थी और विपक्ष को अपने सर्कल की समस्याओं व नागरिकों के हित के मुद्दों को रखने के लिए आनलाइन सभा में हिस्सा लेना था लेकिन भाजपा ने जनता का नुकसान किया. सरकारी आदेश के खिलाफ जाकर आफलाइन सभा लेना संभव नहीं था. 

भाजपा का दोगलापन : कुंभारे

उपाध्यक्ष मनोहर कुंभारे ने कहा कि विपक्ष के बहिष्कार ने भाजपा के दोगलेपन को उजागर कर दिया है. नागपुर मनपा में भाजपा की सत्ता है और वहां आनलाइन सभा इन लोगों को चलती है और यहां जिला परिषद में वही भाजपा सभा का विरोध करती है. इन लोगों को जनता की समस्याओं के निराकरण और हित से कोई मतलब नहीं है. चमकोगिरी की राजनीति जनता भी देख रही है.