कामचोरों पर होगी कड़ी कार्रवाई, सांसद भामरे ने दी चेतावनी

धुलिया. शहर की पानी समस्या को हल करने के लिए  अक्कलपाड़ा पाइपलाइन योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों की मनपा में समीक्षा बैठक हुई. सांसद डॉ सुभाष भामरे इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए लेकिन वाटर ग्रेस कंपनी के अधिकारी नदारद रहे. इसको लेकर भामरे ने नाराजगी जताई. इसी तरह से सांसद भामरे ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर भी नाराजगी का इजहार किया.वहीं मनपा के अधिकारियों से सही जवाब नहीं मिलने पर गुस्सा जताते हुए डॉ भामरे ने आयुक्त से कहा, “प्रशासन शिथिल हो गया है और प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं है. कामचोर अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस तरह की चेतावनी भी डॉक्टर सुभाष भामरे ने अधिकारियों को दी है.

विकास कार्यों को लेकर बैठक

विभिन्न विकास कार्यों को लेकर महा नगर पालिका प्रशासन ने समीक्षा बैठक का आयोजन किया था. इस समीक्षा बैठक में सांसद डॉ  भामरे, महापौर चंद्रकांत सोनार, भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल, नगर आयुक्त अजीज शेख, स्थायी समिति के अध्यक्ष सुनील बैसाने, विपक्ष नेता साबिर शेख, उप महापौर  कल्याणी अमलकर के साथ महानगर पालिका के अधिकारियों के साथ-साथ निर्माण विभाग के अभियंता एजाज शाह, माजिपरा के अधिकारी, एमएसईबी के अधिकारी उपस्थित थे.

भामरे ने अधिकारियों से पूछे सवाल

इस समीक्षा बैठक में डॉ भामरे ने शहर में लोगों को होने वाली समस्याओं के एक-एक सवाल पूछे और प्रशासन से जवाब पाने की कोशिश की. भामरे ने आक्रोश व्यक्त किया, क्योंकि उन्हें प्रशासन से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला. भामरे ने आयुक्त को आड़े हाथों लिया और कहा कि मनपा प्रशासन पर पकड़ नहीं है.

समय पर पूरा करें जलापूर्ति योजना

सांसद डॉ.भामरे में समीक्षा बैठक में कहा कि अक्कलपाडा जलापूर्ति योजना नगर के लिए महत्वाकांशी योजना है. समय के भीतर योजना को पूरा किये जाने की कोशिश करें. ताकि नगरवासियों को प्रतिदिन जलापूर्ति हो सके. योजना के पूरा होने तक जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश दिए.

हनुमान टेकडी, डेडरगांव झील से 50 प्रश आपूर्ति

निगम अभियंता शिंदे ने कहा कि वर्तमान में तापी जल आपूर्ति, हनुमान टेकडी, डेडरगांव झील जैसे स्रोतों से शहर के लिए 50 प्रतिशत पानी का उपयोग कर रहे हैं.  वितरण प्रणाली पुरानी है.  कई जगहों पर आपूर्ति लाइन की समस्या है. समुचित जल आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी को ज़ोनिंग कार्य को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया गया है और एक निविदा तैयार की गई है.

कुप्रबंधन का खामियाजा भुगत रहे नेता

निविदा 15 दिनों में प्रकाशित की जाएगी जिसके बाद काम किया जाएगा. निविदा के काम पर आपत्ति जताते हुए अनूप अग्रवाल ने कहा कि निविदा की शर्तों के कारण निविदा विफल हो जाएगी. इस पर डॉ भामरे ने  नगर अभियंता को आड़े हाथों लिया और कहा कि विद्वानों के माध्यम से निविदा क्यों नहीं बनाई गई.मनपा के कुप्रबंधन के कारण लोग जनप्रतिनिधियों से नाराज हैं.

बैठक में बिजली का मुद्दा भी गूंजा

अनूप अग्रवाल ने पानी की आपूर्ति के मुद्दे के बाद समीक्षा बैठक में बिजली के मुद्दे को उठाया.  उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सप्रेस फिटर के बावजूद, बिजली कंपनी बिजली प्रदान नहीं करती है, बिजली कंपनी ने मनपा की बीजेपी सरकार को एक तरह से बदनाम करने की साजिश रची है.

निगम इंजीनियर शिंदे के अनुसार, एक्सप्रेस फीडर से जुड़े होने के बावजूद, वलवाड़ी फिटर को दो साल सेवा बंद कर दिया गया है.  कई बार बैठक बुलाई गई, लेकिन बिजली कंपनी बैठक में नहीं आई. मनपा हर महीने 1.5 करोड़ रुपये के बिजली बिल का भुगतान करती है.

भामरे ने अभियंता को लगाई लताड़

डॉ. भामरे ने कार्यकारी अभियंता से पूछा कि एक्सप्रेस फिटर होने के बावजूद बिजली नहीं है. इस बात पर गुस्सा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एक साल तक कार्यकारी अभियंता को पानी मत दो, तब वे समझेंगे समस्या क्या होती है.

उपायुक्त को लिया आडे़ हाथ

कचरा संकलन करने नगर में 79 घंटा गाड़ियां हैं. जिसमें से 10 से 15 वाहन मरम्मत की आड़ में बंद हैं. कचरा संग्रहण ठेकेदार  समीक्षा बैठक में नहीं आया है, उसे नोटिस भेजें ऐसा आदेश डॉ भामरे ने दिया. वाहनों में जीपीएस सीस्टम नहीं लगाया गया है जिसके चलते सांसद ने मनपा उपायुक्त को आड़े हाथों लिया है.

मनपा अधिकारियों की लापरवाही के कारण नागरिकों की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है.प्रशासन की उदासीनता के कारण भाजपा नगरसेवकों को बदनाम किया जा रहा है.अनुदान राशि उपलब्ध कराने के बावजूद समय पर योजनाओं को पूरा नहीं किया जा रहा है. जिसके चलते मनपा की भाजपा की सत्ता को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा हैं कार्यों में लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

-डा. भामरे, सांसद