After Vaccination, Senior Citizen Becomes 'Magnet Man'

    नाशिक. कोरोना वैक्सीन (Vaccine) के साइड इफेक्ट (Side Effect) को लेकर काफी चर्चा हो रही है, वहीं नाशिक (Nashik) के सिडको इलाके के एक वरिष्ठ नागरिक को वैक्सीन लगने के बाद वह ‘मैग्नेट मैन’ (Magnet Man) बन गया। उसके शरीर पर लोहे और स्टील के सामान चिपकने लगे हैं। इस आश्चर्यजनक घटना से लोग हतप्रभ है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं का कोई आधार नहीं है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। 

    सिडको के शिवाजी चौक निवासी अरविंद जगन्नाथ सोनार ने वैक्सीन लगवाया जिसके बाद उनके शरीर पर लोहा, स्टील आदि चिपकने लगा। जिसने चिकित्सा विशेषज्ञों को भी भ्रमित कर दिया है। अरविंद सोनार ने 9 मार्च को अपनी पत्नी के साथ कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। उसके बाद 2 जून को दुसरी खूराक ली। उन्हें लग रहा था कि वैक्सीन लेने के बाद वह कोरोना से सुरक्षित रहेंगे ओर उनके शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी लेकिन यहां मामला कुछ और ही होता दिखाई दे रहा है।

    आम इंसान से लेकर विशेषज्ञ तक हुए हैरान

    सोनार के बेटे ने एक चैनल पर देखा था कि किसी व्यक्ति के शरीर पर वैक्सीन लेने के बाद लोहे और स्टील की सामग्री चिपक रही है तो उसने तुरंत अपने माता–पिता के शरीर पर स्टील के चम्मच छू कर देखे तो उसने पाया के उसके पिता अरविंद सोनार के शरीर पर भी लोहा और स्टील चिपक रहा है, लेकिन सोनार की पत्नी पर ऐसा कोई प्रभाव नहीं है। उन्होंने अपने परिचित एक निजी चिकित्सक से संपर्क किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अजीब तरह का मामला सामने आया है। मनपा के चिकित्सा अधिकारी डा. नवीन बाजी ने भी हैरानी जताई है। इस बीच महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कृष्ण चंदगुड़े ने भी आज वहां का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि विज्ञान का हिस्सा है और संबंधित वरिष्ठ नागरिक की मेडिकल जांच से इसका समाधान निकाला जा सकता है।

    मैंने 5 तारीख को कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक ली। मेरे जीवन में इससे पहले कभी भी मेरे शरीर से ऐसी चीज नहीं चिपकी थी। वास्तव में यह क्या है? मैं इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेने वाला हूं।

    -अरविंद सोनार, वरिष्ठ नागरिक, सिडको

    स्टील टीकाकरण के बाद अंगों से चिपक जाती है इस प्रकार की घटना की सूचना मुझे मिल है। इस और घटना का कोई चिकित्सीय आधार नहीं है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन यह शोध का विषय हो सकता है।

    - डॉ. वैभव महाले, निदेशक कल्पतरु अस्पताल