Anger erupted over increasing school fees, parents looked aggressive

    नाशिक. लॉकडाउन (Lockdown) के कारण मार्च 2020 से स्कूल बंद (School Closed) हैं और पढ़ाई ऑनलाइन (Online) चल रही है। पिछले साल से स्कूल फीस (School Fees) का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। स्कूल फीस का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। कोरोना संकट में भी स्कूलों द्वारा बढ़ी हुई फीस को लेकर अभिभावकों और स्कूलों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नाशिक के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल (Sacred Heart Convent School) में भी अभिभावक फीस कम करने की मांग को लेकर आक्रामक नजर आए। 

    स्कूल कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति में रहा क्योंकि सभी अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हो गए थे। सभी फीस में 50 फीसदी छूट की मांग कर रहे हैं। परिजनों के असमंजस के बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला सुलझाने का प्रयास किया। कल स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच बैठक होगी। देखना होगा कि इस बैठक में क्या फैसला लिया जाता है।

    … तो निजी स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई 

    महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने इससे पहले निजी स्कूल की फीस की वसूली को लेकर जीआर जारी किया था। बच्चों को शिक्षा का अधिकार है इसलिए कोई छात्र शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ का बयान है कि भविष्य में किसी भी स्कूल को शिकायत मिलने पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी।

    स्कूल बंद होने का संकेत

    सरकार कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए उचित कदम उठा रही है। वर्षा गायकवाड़ ने संकेत दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर के कारण निकट भविष्य में स्कूल शुरू नहीं होंगे।

     कब शुरू होंगे स्कूल?

    राज्य में स्कूल शुरू करने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि जिन जगहों पर कोरोना के मरीजों की संख्या कम है वहां की स्थिति को देखते हुए 10वीं-12वीं कक्षा शुरू करने के लिए परीक्षा के आदेश दिए गए हैं। 10वीं और 12वीं की कक्षाएं अगले कुछ महीनों में उस गांव में शुरू होने की संभावना है जो कोरोना मुक्त हैं या गांव की ऐसी स्थिति हो कि भविष्य में कोरोना के संक्रमण की संभावना ना हो।