निजी अस्पतालों के बिलों का होगा ऑडिट, 10 ऑडिटर नियुक्त

  • 2 करोड़, 69 लाख, 28 हजार, 79 रुपए मरीजों को लौटाने के आदेश
  • मरीजों के मेडिक्लेम की भी होगी जांच
  • 16651 मरीजों से की गई पूछताछ

नाशिक. मनपा ऑडिटरों ने पिछले 2 महीने में शहर के 107 अस्पतालों से 9,093 बिलों की जांच की है. निजी अस्पतालों द्वारा संबंधित मरीजों को 2 करोड़ 69 लाख 28 हजार 79 रुपये अतिरिक्त के लौटाने से मरीजों को आर्थिक राहत मिली है. शहर में निजी अस्पतालों से मरीजों की लूट की शिकायतें शुरू हो गई थीं.

इसलिए, राज्य सरकार के आदेश के बाद और शिवसेना की शिकायतों पर भी ध्यान देते हुए तत्कालीन नगर आयुक्त राधाकृष्ण गमे ने एक दर नियंत्रण समिति का गठन किया था और निजी अस्पतालों के बिलों की जांच शुरू की थी. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, जो नाशिक के दौरे पर थे, उन्होंने भी बढ़े हुए बिलों को गंभीरता से लिया था और मनपा को इस पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था. उसके बाद शहर के 15 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों में 10 ऑडिटर नियुक्त किए गए और बिलों की जांच के आदेश दिए गए. इन बिलों की जांच 24 जुलाई से शुरू की गई थी. 

7,558 मेडिक्लेम वाले मरीज डिस्चार्ज

निजी अस्पतालों से अब तक 16 हजार 651 मरीजों की जांच की गई है. 9,093 मरीजों के बिलों की जांच की गई. इसमें 2 करोड़ 69 लाख 28 हजार 79 बिलों की वसूली करने और उतनी ही राशि अस्पतालों को लौटाने के निर्देश दिए गए थे. ये जानकारी मनपा ऑडिट अधिकारी सोनकांबले ने दी.

बताया जाता है कि इस दौरान मेडिक्लेम बिल भी चेक किए जाएंगे. मनपा ऑडिटरों ने 16 हजार 651 बिल जमा किए हैं, जिनमें से 9 हजार 93 बिलों की जांच की जा चुकी है. कुल डिस्चार्ज किए गए रोगियों में से 7,558 की मेडिक्लेम पॉलिसी थी. वर्तमान में मनपा उन लोगों के बिलों की जांच कर रही है, जो बिलों का भुगतान नकद में करते हैं. एक बार कैश बिल समाप्त हो जाने पर मेडिक्लेम पॉलिसी बिल की भी जांच की जाएगी. इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी.