भाजपा नगरसेविका सोनवणे अयोग्य घोषित

समय पर जमा नहीं कर पाईं जाति प्रमाणपत्र 

राजनीति में मचा हड़कंप

भुसावल. भुसावल भाजपा पार्षद अनीता एकनाथ सोनवणे को जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित समय के भीतर जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है. इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सूचना अधिकार कार्यकर्ता केदारनाथ सानप ने इस मामले का पर्दाफाश किया था.

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनीता एकनाथ सोनवणे ने भुसावल नगरपालिका सार्वजनिक चुनाव 2016 में प्रभाग क्रमांक सात अ से अनुसूचित जाति महिला आरक्षित प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था.

वे चुनाव जीतकर नपा सदस्य बनी थीं. निर्धारित समय में सोनवणे ने जाति प्रमाण पत्र नपा प्रशासन को सुपुर्द नहीं किया था जिसकी शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता केदारनाथ सानप ने औरंगाबाद पीठ में एक रिट याचिका दायर कर की थी, जिसमें रिटर्निंग ऑफिसर तथा वरिष्ठ अधिकारी  ने दुरुपयोग कर गलत दस्तावेजों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने पर्चा दाखिल किया था.

मंत्रालय से लगाएंगी गुहार

जिला अधिकारी कार्यालय में उक्त मामले की जांच पड़ताल की निर्धारित समय पर जिलाधिकारी कार्यालय में पार्षद सोनवणे ने जाति प्रमाण पत्र जिलाधिकारी को पेश नहीं किया था.जिसके चलते तत्कालीन जिलाधिकारी ने पार्षद सोनवणे को पद से आयोग घोषित कर दिया.वहीं तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी की जांच-पड़ताल आस्थापना विभाग के उप जिलाधिकारी जांच शुरू करेंगें.वहीं पार्षद अनिता सोनवणे ने ज़िला अधिकारी के फैसले को मुंबई मंत्रालय में चुनौती देने की बात कही और कहा कि मंत्रालय में निश्चित न्याय मिलेगा.