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    नाशिक. ब्लैक फंगस (Black Fungus) मरीजों (Patients) के परिजनों को इंजेक्शन (Injection) का प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) ना देते हुए सीधे महानगरपालिका में दवाईयों के पंजीकरण के लिए भेजा जा रहा है। अस्पताल प्रशासन प्रिस्क्रिप्शन ना देकर मरीजों को परेशान कर रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संक्रामक रोग निवारण अधिनियम के तहत लापरवाह अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। महामारी से ग्रस्त होने के तुरंत बाद होने वाले ब्लैक फंगस से होने वाली बीमारी में इंजेक्शन की बड़ी मात्रा में कमी आयी है।

     इंजेक्शन के लिए निजी अस्पताल मरीजों के परिजनों को ही दौड़ा रहे हैं इसलिए अस्पतालों द्वारा मरीजों के परिजनों की उपेक्षा की जा रही है, ऐसे में नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर कैलाश जाधव ने ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

    नगर निगम को घोषित किया गया है नोडल एजेंसी

    कमिश्नर ने प्रशासन को लोगों में ब्लैक फंगस के प्रति जागरूकता पैदा करने का भी निर्देश दिया है। ब्लैक फंगस नामक बीमारी के उपचार के लिए एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन प्रभावी है। हालांकि इन इंजेक्शनों की कमी है, लेकिन शासन के निर्देशानुसार निगम के चिकित्सा विभाग को इस बीमारी के इलाज के लिए इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम को नोडल एजेंसी घोषित किया गया है। मनपा की अपील के बाद निजी अस्पतालों ने 301 मरीजों के लिए इंजेक्शन का पंजीकरण कराया है। इस बीमारी के इलाज के लिए हर मरीज को दिन में 4 इंजेक्शन लगाने की जरूरत होती है। इसके अनुसार जहां प्रतिदिन 1200 इंजेक्शन की जरूरत होती है, वहीं मनपा को पर्याप्त इंजेक्शन नहीं मिलते पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए मनपा प्रशासन सरकार के साथ-साथ दवा वितरकों से भी संपर्क कर रहा है, चूंकि इन इंजेक्शनों के नुस्खे निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के परिजनों को निर्धारित किए जा रहे हैं, इसलिए उन्हें दवा डीलरों के पास जाना पड़ता है।

    उचित जानकारी न देने पर हो रही कार्रवाई

    मरीजों के परिजनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है क्योंकि वेंडरों का कहना है कि इंजेक्शन मनपा से ही मिलेगा। वहीं दूसरी ओर अस्पताल मरीजों के बारे में पूरी जानकारी नहीं देते हैं इसलिए कमिश्नर जाधव ने निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है जो मरीजों के परिजनों की उपेक्षा कर रहे हैं और उचित जानकारी नहीं दे रहे हैं। ब्लैक फंगस का इलाज करा रहे मरीजों के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन के लिए निजी अस्पतालों को मेल आईडी nmcmucor21@gmail.com पर भेजे गए आवेदन पत्र में सही जानकारी भरकर मरीजों के लिए इंजेक्शन की मांग दर्ज करनी चाहिए। ऐसी अपील नोडल अधिकारी डॉ. अवेश पलोड ने की है। अस्पताल मरीजों को इंजेक्शन का प्रिस्क्रिप्शन देकर उनके परिजनों की भागदौड़ को ना बढ़ाएं अन्यथा संक्रामक रोग निवारण अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।