April 14-Birthday of Baba Saheb Bhimrao Ambedkar

  • महापुरुषों की मूर्तियों से मिलती है प्रेरणा

नाशिक. महापुरुषों की मूर्तियां हमेशा प्रेरणादायक होती हैं. कई स्थानों पर मूर्तियां बनाई और खड़ी की जाती हैं, ताकि समाज को उनके आदर्श कार्यों के बारे में हमेशा याद रहे. पाथर्डी में एक घोड़े पर छत्रपति शिवाजी महाराज की एक शानदार आकार की प्रतिमा है, जिसे मुंबई से आने वाली सड़क के स्वागत के रूप में जाना जाता है. उसी सड़क के दूसरी ओर जल्द ही भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की एक विशाल पूर्ण मूर्ति स्थापित की जाएगी.

मुंबई से अंबड इंडस्ट्रियल इस्टेट जाने वाली मुख्य सड़क के बाईं ओर पाथर्डी फाटा में घोड़े की पीठ पर जमीन से 30 फीट ऊपर छत्रपति शिवाजी महाराज की पूर्ण आकार की प्रतिमा है. यह भव्य प्रतिमा सभी का ध्यान आकर्षित करती है. उसी तरह जमीन से 30 फीट ऊंची भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की एक पूर्ण आकार की प्रतिमा को दाहिनी ओर के छोर पर खड़ा किया जा रहा है. इसके लिए निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. 

नगरसेवक दोंडे के प्रयास से हो रहा तैयार

कॉर्पोरेटर राकेश दोंडे ने नाशिक मनपा के साथ मिलकर इस प्रतिमा के निर्माण के लिए जगह और प्रतिमा तैयार कराई. प्रतिमा की अनुमति के लिए आवश्यक सभी सरकारी मामलों को पूरा कर लिया गया है और जिला कलेक्टर की अंतिम स्वीकृति जल्द ही मिल जाएगी. नाशिक निवासियों को नए साल की शुरुआत में यह प्रतिमा देखने को मिलेगी और इससे पाथर्डी फाटे की सुंदरता और विकास के साथ-साथ नाशिक शहर का सौंदर्यीकरण भी होगा. 

बढ़ेगी पाथर्डी फाटे की सुंदरता

नाशिक निवासी इस डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की एक सुंदर और आकर्षक प्रतिमा के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इस मूर्तिकला को नाशिक के प्रसिद्ध मूर्तिकार विजय बु-हाडे ने बनाया है. 11 फीट ऊंची मूर्ति कांस्य धातु से बनी है. इसका वजन 1.5 टन है. इसके अलावा, भारतीय संसद की प्रतिमा की तरह, उनके हाथ में संविधान का मसवदा है और उनके हाथ या उंगली त्रिरश्मि बुद्ध गुफाओं की ओर है. 

महान व्यक्ति की प्रतिमा बनाने की खुशी

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एक महान व्यक्ति थे. उनकी शारीरिक रचना बहुत अलग और असामान्य थी. इस मूर्ति को बनाने का अनुभव बहुत सुंदर है. मैं भाग्यशाली हूं, जो इतिहास और ज्ञान के एक अंतहीन महासागर का निर्माण करने का अवसर मुझे मिला. 

-विजय बु-हदे, मूर्तिकार