Appointment Letter

    नाशिक. पुलिसकर्मियों में तनाव का विषय हमेशा चर्चा में रहता है। अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिस (Police) कर्मचारियों के वारिसों की अनुकंपा के तहत विभाग में भर्ती की जाती है। पिछले साल से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) का सामना करने वाले नाशिक परिक्षेत्र में 27 पुलिस कर्मचारी शहीद हो गए हैं। 

    इस पार्श्वभूमि पर उनके वारिसों से आवेदन करने और अनुकंपा के अन्य प्रलंबित आवेदनों पर निर्णय लेने का आदेश नाशिक परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. प्रताप दिघावकर (Dr. Pratap Dighavkar) ने दिए थे। एक सप्ताह में सभी विभागों को कार्यान्वित कर वारिसों की शारीरिक पात्रता, दस्तावेज की जांच, वैद्यकीय जांच आदि तकनीकी कार्य पूर्ण किए गए। सभी मानदंड पूर्ण करने वाले 126 वारिसों को अनुकंपा पर नियुक्ति का पत्र दिया गया।

    नाशिक ग्रामीण के 22 वारिस पात्र

    नाशिक ग्रामीण पुलिस दल के पात्र साबित हुए 22 वारिसों को नाशिक परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. प्रताप दिघावकर के हाथों नियुक्ति पत्र दिया गया। यह कार्यक्रम शहर के गडकरी चौक स्थित विशेष पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में हुआ। नाशिक ग्रामीण के 22, अहमदनगर के 25, धुलिया के 5, जलगांव के 68, नंदूरबार के 6, ऐसे कुल 126 वारिसों को नियुक्ति पत्र दिया गया। लिपिक पद के लिए आवेदन पर भी कामकाज शुरू है। इस समय पुलिस अधीक्षक सचिन पाटिल सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    नौकरी की प्रतीक्षा में कोरोना योद्धा का परिवार

    कोरोना के समय शहीद हुए पुलिस कर्मचारियों के कुछ वारिसों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। जिला निहाय प्रलंबित आवेदन महत्वपूर्ण साबित हुए। नाशिक ग्रामीण में प्रलंबित आवेदनों की संख्या 98 है, जिसकी तुलना में जलगांव और अहमदनगर में यह प्रमाण कम है। इसलिए वहां के कुछ वारिसों को नियुक्ति पत्र दिया गया। वहीं नाशिक ग्रामीण में ऐसे वारिसों को राह देखनी पड़ रही है।