डॉ. टोणगांवकर तथा पूर्व विधायक ठाकरे के निधन पर  शोकसभा

 संस्मरणों को याद किया गया

साक्री. अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. रवींद्रनाथ टोणगांवकर और पूर्व शिक्षक विधायक जयवंत ठाकरे के निधन पर प्रगतिशील आंदोलन को गहरी तथा अपूरणीय क्षति पहुंची है. आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हाल ही में उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु शोकसभा का आयोजन किया. विशेषकर सभा का आयोजन तहसील अंधविश्वास निर्मूल समिति (अंनिस) की ओर से किया गया.

वैश्विक तथा राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण सर्जन संगठन के अध्यक्ष पद पर विगत चार दशकों से सक्रिय रहे डॉ. टोणगांवकर ने स्वास्थ्य सेवा को ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराने में पहल की. इन्होंने ग्रामीणो की स्वास्थ्य सेवा में कई अनुसंधान किए, जिसका लाभ ग्रामीण परिसर को मिला. डॉ. टोणगांवकर का हाल ही में कोरोना के संक्रमण से निधन हो गया. नाशिक विभाग से शिक्षक विधायक रहे जयवंत ठाकरे शिक्षा क्षेत्र में काफी सक्रिय थे, सब के लिए निःशुल्क शिक्षा के पक्षधर थे. शिक्षकों के नेता और शिक्षा के दार्शनिक के तौर पर उनको जाना जाता था. वे भी कोरोना के शिकार हुए तथा उनका असामयिक निधन हो गया.

अंनिस के पूर्व जिलाध्यक्ष एड. गजेंद्र भोसले ने श्रद्धांजलि अर्पण करते हुए उनसे जुड़े संस्मरणों को याद किया. अंनिस की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. राजेंद्र अहिरे,   कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. दिलीप लोखंडे, जिला उपाध्यक्ष, विजय भोंसले,  एड़. सुनील नंद्रे, सचिव अनिल अहिरे, सदस्य संतोष शिंदे, ध्रुव अहिरराव, अजीत बेडसे, पी.झेड़.कुंवर  आदि उपस्थित थे. सभा का संचालन अनिल अहिरे ने किया.