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  • 5 प्रतिशत बढ़े मरीज

नाशिक. दिन ब दिन तापमान गिरने से नाशिक शहर सहित जिलावासी कंपकपाती ठंड का सामना कर रहे हैं। इसके चलते कोरोना (Corona) के लक्षण होने वाले यानी की सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग निफाड़, सिन्नर, नाशिक, इगतपुरी, बागलाण, नांदगाव, दिंडोरी आदि तहसीलों में ध्यान दे रहा है। नाशिक जिला परिषद (Nashik District Council) की सीईओ लीना बनसोड के मार्गदर्शन में हुई वीडियो कांफ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग को हर दिन 4 हजार टेस्ट करने की सूचना की है।

जिले में प्राथमिक आरोग्य केंद्रों की संख्या 110 है। इसके माध्यम से एंन्टिजेन और स्वैब टेस्ट बढ़ाए जाएंगे। इससे कोरोना संक्रमित (Corona infected) मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की दूसरी संभावित लहर 20 दिसंबर से 26 जनवरी के बीच आने की संभावना व्यक्त की है। इसके बाद नाशिक जिला परिषद प्रशासन ने उपाय योजना शुरू की है। कोरोना के खिलाफ शुरू संघर्ष में आरोग्य संस्था के पास पर्याप्त सामुग्री उपलब्ध हो इसलिए जारी किया गया टेंडर खोला गया है, जिसे लेकर आगामी दो दिनों में होने वाली आम सभा में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह में आरोग्य संस्थाओं को साधन सामुग्री का वितरण होगा।

5 प्रतिशत बढ़ी मरीजों की संख्या

कंपकपाती ठंड के चलते सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण होने वाले मरीजों की संख्या 5 प्रतिशत से बढ़ गई है। परिणामस्वरूप आरोग्य केंद्र में उपचार के लिए आने वालों की संख्या बढ़ गई है। हर दिन कितने मरीजों पर उपचार किए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी आरोग्य विभाग अब संकलित करने वाला है। बढ़ती ठंड के चलते बिना वजह घर से बाहर न निकलना, गर्म कपड़ों का उपयोग करना गरम पानी और गरम भोजन का सेवन करना, प्रतिकार शक्ति बढ़ाने के लिए आवश्यक पदार्थों का सेवन करना आदि सलाह आरोग्य विभाग ने नागरिकों को दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना मरीजों की संख्या अगले सप्ताह से बढ़ने की संभावना है। शहर सहित जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 1 हजार 835 मरीजों की मौत हो चुकी है। आज की स्थिति में 3 हजार 284 मरीजों पर उपचार किए जा रहे है, जिसमें निफाड़, नाशिक, बागलाण तहसील के मरीजों की संख्या तीन अंकी है। तो येवला, सुरगाण तहसील में मरीजों की संख्या एक अंकी तथा शेष तहसीलों में मरीजों की संख्या दो अंकी है। त्र्यंबकेश्वर और पेठ में एक भी मरीज नहीं है।