Corona sanctions harm small traders, captive people becoming unemployed

    मालेगांव. शहर के साथ-साथ पूरे नाशिक जिले (Nashik District) में कोरोना के मरीजों (Corona Patients) की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में जिला अधिकारी ने कोरोना को लेकर शहर में कड़े प्रतिबंध (Restriction) लगा दिए हैं। शनिवार और रविवार को सभी कामकाज पूरी तरह से बंद रखने और रोज शाम 7 बजे के बाद दुकानें बंद (Shops Closed) करने के आदेश के कारण छोटे कारोबारियों को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। 

    एक सर्वे के अनुसार, इन व्यवसायियों को धंधे में 60 प्रतिशत का नुकसान होने लगा है। प्रमुख रूप से खाद्य पदार्थ विक्रेता, फेरीवाले, चौपाटी और भीड़ वाले चौक में व्यवसाय करने वालों के लिए यह प्रतिबंध बड़ा घातक सिद्ध हो रहा है। इसलिए दुकानें बंद करने का समय कम से कम 8 बजे तक किया जाना चाहिए, ऐसा व्यापारियों का मानना है। रोज शाम 7 बजने से पहले ही शहर में पुलिस का राऊंड शुरू हो जाता है, जबकि चौक-चौराहों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री शाम 5 बजे से शुरू होती है। गर्मी के कारण पहले की ग्राहकों की कमी होती है। 

     व्यवसाय पर असर पड़ा 

    शहर के चौपाटी इलाके में सैकड़ों खाद्य व्यापारी रोजगार करते हैं। कई दुकानदार शाम 5 बजे के बाद अपनी दुकानें खोलते हैं। इन दिनों केवल 2 घंटे व्यवसाय करने के बाद उन्हें दुकान बंद करनी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि बिक्री करने के बाद नफे की रकम नहीं मिल पा रही है।  शहर के नौकरी पेशा लोग प्रमुख रूप से शनिवार और रविवार को खरीदी के लिए बाहर निकलते हैं। पिछले सप्ताह से इन दोनों दिन ही पूरी तरह से व्यवसाय बंद रखे जा रहे हैं। इसका हर व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है।