RTI के तहत उजागर हुआ भ्रष्टाचार, जोयदा- दोंडवाड़ी मार्ग का डकार गए पैसा

  • आदिवासी उपयोजना के तहत मिली थी मंजूरी
  • ठेकेदार और अधिकारियों की करतूत

धुलिया. विकास मॉडल शिरपुर में कुछ भी हो सकता है, जिसका सनसनीखेज खुलासा आरटीआई के तहत सामने आया है. तहसील के जोयदा- दोंडवाडी पाड़ा रास्ते की मरम्मत की मंजूरी आदिवासी उपयोजना के तहत मिली थी. किंतु यहां के भ्रष्ट ठेकेदार व आला विभाग के अफसर मिलकर पूरा रास्ता ही निगल गये. जिसके चलते ठेकेदार पर एफआईआर, ब्लैक लिस्ट में डालने को लेकर गांववालों ने रास्ता रोको आंदोलन की चेतावनी दी है. 

 49 लाख 51 हजार का  हो चुका है भुगतान

आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार तहसील से जाने वाले राज्य महामार्ग क्रमांक 1 से जोयदा – दोंडवाड़ी पाड़ा (ग्रामा-80) 2 किमी के रास्ते की मरम्मत के लिए आदिवासी उपयोजना के तहत 49 लाख 51 हजार 816 रुपये धन की मंजूरी मिली थी. किंतु विकास मॉडल के नाम से प्रसिद्ध शिरपुर के ठेकेदार संदीप डी. पाटील और आला विभाग के अफसर की मिलीभगत से पूरा रास्ता ही निगल गये. इस बीच मंजूर राशि पूरी निकाली गई है. 

रास्ता रोको आंदोलन की चेतावनी

उक्त सड़क 2008 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी थी. जिसकी अब 50 लाख की रुपये मरम्मत मंजूरी थी. किंतु भ्रष्टाचार यंत्रणा ने पूरा पैसा निकालकर आदिवासी लोगों की सड़क खा गई. इस दरमियान जोयदा और दोंडवाड़ी निवासी आक्रामक रवैया अपनाते हुए ठेकेदार संदीप पाटील व आला विभाग के अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराने और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट मे डालने को लेकर रास्ता रोको करने की चेतावनी दे रहे हैं. सरकार की मंजूरी के बावजूद ये भ्रष्ट लोग आदिवासी क्षेत्र के विकास काम निगल रहे हैं. जिन्हें कड़ी से कड़ी सजा होने की मांग ग्रामवासी कर रहे हैं.