Corruption worth crores in Nashik Municipal Corporation

    नाशिक. शहर में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से बनी नई सड़कों (New Roads) को गैस पाइपलाइन (Gas Pipeline) के लिए फिर से खोदा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) के अधिकारी (Officer) और ठेकेदार (Contractor) के गठजोड़ से यह करोड़ों रुपयों को भ्रष्टाचार हो रहा है। 

    वहीं ऐन बारिश के मौसम में अच्छे भले नई बनाई गई सड़कों को खोद कर रख देने से शहरवासियों को रोज कीचड़युक्त मार्ग से गुजरना पड़ेगा। अभी एक साल पहले ही नाशिक शहर में करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से आंतरिक सड़कों का निर्माण किया गया था, लेकिन इन दिनों इन सड़कों को गैस पाइपलाइन के नाम पर खोदा जा रहा है। खास बात यह है कि खुदाई शुरू होने के बाद भी इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। ऐसे में बारिश का मौसम शुरू हो गया है और खोदी गई सड़कों के कारण दूर तक कीचड़ फैलता जा रहा है।

    महानगरपालिका का आर्थिक नुकसान

    गैस पाइपलाइन के ठेकेदार ने महानगरपालिका के निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सातपुर, सिडको, पंचवटी, नाशिक रोड जैसे नाशिक शहर की सभी बड़ी सड़कों को नष्ट कर दिया है। शहर के आम नागरिकों को नल कनेक्शन या अन्य काम के लिए सड़क खोदनी पड़ती है तब साढ़े तीन फीट का गड्ढा खोदने के लिए 5000 रुपए लिए जाते हैं, लेकिन इस ठेकेदार से मात्र 2 से 3 हजार रुपये वसूल कर अधिकारी आर्थिक हित में दया दिखाकर महानगरपालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

    नियमानुसार 205 किमी सड़कों की खुदाई के लिए ठेकेदार से 160 से 170 करोड़ रुपये की नुकसान भरपाई लेना जरूरी है, लेकिन महानगरपालिका ने केवल 78 करोड़ रुपयों की भरपाई ली। अधिकारियों के इस भ्रष्टाचार से महानगरपालिका का 80 से 90 करोड़ का नुकसान हो गया है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी इस कुप्रबंधन का विरोध कर आम सभा की बैठक में आवाज उठाने की कोशिश की थी, लेकिन जैसा कि महासभा ऑनलाइन थी अधिकारियों ने उसे म्यूट कर दिया और मामले में दोषी अधिकारियों का समर्थन करते हुए कार्रवाई करने से परहेज किया हालांकि महानगरपालिका कमिश्नर कैलाश जाधव ने मामले की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    गैस पाइपलाइन भ्रष्टाचार का नया मामला

    गैस पाइपलाइन के नाम पर नाशिक के सभी हिस्सों में सड़कें खोद दी गई हैं। महानगरपालिका के नगर अभियंता संजय घुगे और संबंधित गैस पाइपलाइन ठेकेदार के बीच बने गठजोड़ से शहर की सड़कें धराशाई हो गई हैं इसलिए चाहे महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करें या नहीं, लेकिन अगर भविष्य में इस मामले की जांच सरकार करती है तो इस भ्रष्टाचार में लिप्त लोग बुरे फंसने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि महानगरपालिका के एक ही विभाग में भूमिगत नाले व बरसाती नाले के मामले में कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है तो अब इसी विभाग में इस गैस पाइपलाइन में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है।