Tremendous increase in cyber crimes during global epidemic: United Nations report

    नाशिक. विदेश में नौकरी, पेट्रोल पंप की डीलरशिप, ऑनलाइन फूड डिलीवरी की डीलरशिप इतना ही नहीं, बल्कि कापूरवडी का कच्चा माल अच्छे दामों में बिक्री करने और विदेश से सस्ते दामों में दवाईयां खरीदने का झांसा देकर साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) ने विगत कुछ महीनों में अपनी तिजोरी भर ली। क्रेडिट कार्ड (Credit Card) और बैंक खाता हैक (Bank Account Hack) करके भी कई नागरिकों को ठगा है। विगत पांच माह में साइबर अपराधियों ने नागरिकों से करीब एक करोड़ रुपए लूटे हैं। विगत एक वर्ष से शुरू हुए लॉकडाउन के बाद साइबर अपराधी अधिक संख्या से सक्रिय हुए है।

    शहर में झांसा देकर, बैंकिंग व क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड की झूठी जानकारी देकर आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी की गई। विशेषत: विदेशों में नौकरी, सस्ते दामों में कच्चा माल दिलाने, दवाईयों की खरीदी का झांसा दिया जाता है। जनवरी से 15 मई के बीच शहर के विभिन्न पुलिस थानों में इस प्रकार के 18 मामले दर्ज हुए है। इसमें आठ विविध प्रकार के झांसे देकर, 5 बैंक व विभिन्न कार्ड से संबंधित है। व्हाट्सएप या फेसबुक पर महिलाओं से अश्लिल चैटिंग करने, उन्हें धमकाने, जातिय द्वेष निर्माण करने और ईडी कमिशनर के नाम पर धोखाधड़ी करने के प्रकरण दर्ज हुए है। प्रत्यक्ष में दाखिल अपराधों की संख्या भले ही कम है, लेकिन दूसरी ओर शिकायतों की संख्या कहीं अधिक है। फेसबुक हैक कर संबंधित व्यक्ति के नाम पर आर्थिक मदद मांगी जाती है। इस वर्ष इस प्रकार के मामलों की संख्या 60 से अधिक होने की जानकारी सूत्रों ने दी है।

    नागरिकों को जागरूक होने की जरूरत

    नाशिक में हुए जालसाजी के तार दिल्ली, झारखंड, बिहार आदि राज्य से जुड़े हुए हैं। कॉल सेंटर के माध्यम से शुरू इस अवैध धंधों तक पुलिस पहुंचती है, लेकिन फिर से नए अपराधी सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए पुलिस नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है कि ऐसे लोगों और गतिविधियों से सतर्क रहें। महिलाओं को लेकर कई बार जान पहचान वाले व्यक्ति शामिल होने की बात सामने आई है। विशेषत: प्रेम संबंध, विवाह, अनैतिक संबंधों के मामले में फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम का उपयोग करते हुए बदनाम किया जाता है। इस मामलों में अपराधियों की सबसे अधिक गिरफ्तारी हुई है।