दीपक शिरसाठ की ज़मानत नामंजूर

ओझर. भारत में निर्मित विमानों की गोपनीय जानकारी सीधे पाकिस्तान की ISI जैसी गुप्तचर संस्था का पहुंचाने के आरोप में राज्य दहशतवाद विरोधी पथक ने पिछले अक्टूबर माह में HAL के कर्मचारी दीपक शिरसाठ का हिरासम में लिया था, जिसकी जमानत जिला व सत्र न्यायालय ने शनिवार को रद्द कर दी। बता दें कि व्हॉट्सएप के माध्यम से एक अजनबी महिला के साथ शिरसाठ की पहचान हुई और जान पहचान बढ़ने के बाद उसकी मोहक और भावुक बातों से आकर्षित होता गया और भारत का दीपक पाकिस्तान के हनी ट्रॅप में फंसता चला गया और उसे पता भी नहीं चला।

बाद में उस महिला की बातों में आकर उसने सीधे HAL के प्रतिबंधित क्षेत्र और वहां तैयार होने वाले भारतीय लड़ाकू विमान ‘सुखोई’ की जानकारी के साथ अन्य संवेदनशीन जानकारी के साथ संवेदनशील मामले भी महिला के साथ शेयर करता गया।

2 माह पहले इस मामले की तहकीकात करते हुए ATS ने दीपक शिरसाठ को अरेस्ट कर लिया था। हिरासत में लेने के बाद न्यायालय ने पहले उसे पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए थे। जांच में और भी कुछ मामले सामने आए जिसमें खुलासा हुआ कि दीपक ने पाक स्थित और भी अन्य लोगों से संपर्क किया था, उसके बाद दीपक को न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। इस बीच दीपक ने अपनी ज‍मानत के लिए न्यायालय में अर्ज दाखिल किया था। इसी सुनवाई में आज न्यायालय ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनकर दीपक की ज़मान नामंजूर कर दी।