Demand to drive Godavari Express and passenger trains

लासलगांव. कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण विगत 10 महीने से रेल सुविधा बंद (Railway facility) होने के कारण नाशिक (Nashik), इगतपुरी  (Igatpuri), मुंबई (Mumbai) की ओर रोजाना सफर करने वाले नौकरी पेशा लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

राज्य में सफर करने के लिए उपयुक्त और आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों के लिए सुविधाजनक पैसेंजर गाड़ियों के साथ ही प्रतिदिन अपडाऊन के लिए गोदावरी एक्सप्रेस (Godavari Express) शुरू करने की मांग जोर पकड़ रही है. कई बार गाड़ियां शुरू करने की जिले के यात्री संगठनों ने मांग की, लेकिन अब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं हो सका है. इससे नौकरीपेशा लोगों में नाराजगी है.

यात्रियों के अनुसार मुंबई से दूसरे राज्यों में जाने के लिए पर्याप्त गाड़ियां होने के बावजूद राज्य के अंतर्गत अन्य जिलों में यात्रा करने के लिए गाड़ियों की सुविधा नहीं दी जा रही है. इसलिए मुंबई से भुसावल, मनमाड, पुणे जैसी पैसेंजर व एक्सप्रेस गाड़ियां शुरू कर यात्रियों को राहत देने की मांग जोर पकड़ रही है. 

रेलवे का लॉकडाडन जारी

कोरोना के प्रादुर्भाव के कारण घोषित लॉकडाउन से रेल यातायात की सुविधा अब तक अनलॉक नहीं हुई है. इससे यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. जिले के अंतर्गत यात्रा के लिए उपयुक्त मानी जाने वाली पैसेंजर रेल सेवा अब तक शुरू नहीं की गई है.

नागरिकों को रही असुविधा 

दूसरे राज्य में यात्रा की अच्छी सुविधा होने के बावजूद महाराष्ट्र के अन्य जिलों में पहुंचने के लिए सुविधा नहीं होने के कारण नागरिकों को असुविधा हो रही है. 10 महीने से अधिक समय से ये सुविधाएं बंद हैं. इससे नागरिकों का नुकसान हो रहा है. वर्तमान में लंबी दूरी की गाड़ियों से सफर करने की अनुमति होने के बावजूद केवल बड़े स्थानक पर स्टापेज दिया गया है. इसमें लासलगांव जैसे स्थानक शामिल नहीं हैं. इससे नुकसान हो रहा है. शुल्क अधिक होने के कारण केवल आरक्षित यात्रियों को ही सफर की अनुमति मिल रही है.

कोरोना का प्रादुर्भाव कम हो रहा है. मरीजों की संख्या कम हो रही है. वर्तमान में देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. इसके लिए गोदावरी एक्सप्रेस व पैसेंजर गाड़ियां शुरू कर आम यात्रियों को सफर की अनुमति देना जरूरी है.

-शीतल ताथेड, यात्री, लासलगांव

रिक्शा छोड़ बेच रहा सब्जी 

विगत 10 महीने से रेल बंद है. इसका बुरा असर रिक्शे के कारोबार पर पड़ रहा है. परिवार का भरण- पोषण करना मुश्किल हो गया है. इसलिए हमने रिक्शा चलाना छोड़कर सब्जी बेचना शुरू कर दिया है.

-मुन्ना शेख, रिक्शा चालक, लासलगांव