Nashik Municipal Corporation suffered a setback of 150 crores in the first quarter, the councilors may have to face problems

    नाशिक. मार्च 2020 से शुरू हुए कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण और लॉकडाउन (Lockdown) के चलते देश के कई मामले आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रहे हैं। नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) के खजाने में भारी गिरावट आई है क्योंकि कोरोना काल में कई नागरिकों के घर और पानी के बिल बकाया हो गए हैं। नाशिक महानगरपालिका को पहली तिमाही (First Quarter) में 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं वर्ष के लिए 350 करोड़ रुपये का नुकसान होने की उम्मीद है। जिसके चलते महानगरपालिका ने शहर में 7000 नल कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है।

    नाशिक महानगरपालिका का 400 करोड़ रुपये तक बकाया

    नाशिक महानगरपालिका ने शहर में 7000 नल कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है। कोरोना काल में घर और पानी के बिल खत्म होने से निगम के खजाने में भारी गिरावट आई है।  अब तक महानगरपालिका का बकाया 400 करोड़ रुपये हो गया है।  नाशिक महानगरपालिका का 20 हजार से अधिक जलापूर्ति के बकायादार हैं।  इनमें से 7000 उपभोगताओं पर बिल बकाया हैं। बकाया राशि का भुगतान 7 दिन के अंदर करने का अल्टीमेटम जारी किया गया है, अन्यथा नल कनेक्शन काट दिया जाएगा।

    नाशिक वासियों पर पानी कटौती का संकट

    जून के अंत तक और जुलाई के 14 दिन निकल जाने के बाद भी भारी बारिश ना होने से नाशिक शहर में पानी कटने का संकट गहरा गया है। नाशिक को पानी की आपूर्ति करने वाले गंगापुर बांध में पिछले साल की तुलना में कम पानी है।  जलसंपदा विभाग ने नाशिक महानगरपालिका को पानी का उपयोग कम करने के लिए पत्र लिखा है।  किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि नाशिक जिले में बारिश ना होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  जिले के 24 छोटे और बड़े बांधों में पिछले साल की तुलना में कम पानी बचा है, इसलिए यह तय किया गया है कि नाशिक के निवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

    जाल आपूर्ती विभाग का महानगरपालिका को पत्र 

    नाशिक शहरवासियों के लिए जल संकट गहरा गया है, गंगापुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के चलते पानी कटने का संकट खड़ा हो गया है।  गंगापुर बांध में पिछले साल की तुलना में पानी का भंडारण कम होने के कारण जल संसाधन विभाग ने महानगरपालिका को पानी कम करने के लिए पत्र लिखा है।  पानी का संयम से उपयोग करने के अलावा, अतिरिक्त पानी का उपयोग करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी भी है।  पालक मंत्री छगन भुजबल इससे पहले भी महानगरपालिका के अधिकारियों को पानी काटने के लिए समय पर निर्णय लेने का आदेश दे चुके हैं।  नाशिक शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले गंगापुर और दारणा बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश ना होने के कारण पानी कटौती का संकट गहरा गया है।