Divisional Commissioner Radhakrishna Gamme

    नाशिक. शहर में पिछले वर्ष के कोरोनाकाल में आपातकालीन प्रबंधन केंद्रों (Emergency Management Centers) की बहुत अच्छी भूमिका रही है, इसलिए वर्तमान में भी कोरोना (Corona) के मरीजों (Patients) की बढ़ती संख्या को देखते हुए फिर एक बार आपातकालीन व्यवस्थापन कक्ष प्रभावी रूप से काम करेगा। यह सूचना डिविजनल कमिश्नर राधाकृष्ण गमे (Divisional Commissioner Radhakrishna Gamme) ने दी। वे  जिला अधिकारी कार्यालय में अपातकालीन व्यवस्थापन के प्रमुखों की बैठक में बोल रहे थे।

    इस अवसर पर जिला कलेक्टर सूरज मांढरे, मनपा आयुक्त कैलाश जाधव, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लीना बनसोड़, पुलिस उपायुक्त बरकुंड, अपर पुलिस अधीक्षक शर्मिष्ठा वालवलकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल अहेर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविन्द्र शिंदे, आपातकालीन प्रबंधन प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष वसन्ती माली और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

    होम आइसोलेशन का विशेष ध्यान

    डिविजनल कमिश्नर गमे ने कहा कि इस बार होम आइसोलेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। टीकाकरण अभियान भी चल रहा है। इसी तरह कोविड केयर सेंटर, डीसीएच, डीसीएसी की पूर्व में उस क्षेत्र में रचना की गई थी, जहां उस समय मरीजों की संख्या अधिक थी, लेकिन अब जब मरीज अलग-अलग क्षेत्रों से मिल रहे हैं, तो यह सुझाव दिया गया कि कोविड केयर सेंटर की स्थापना की जाए। गमे ने यह सूचना वहां उपस्थित अधिकारियों को दी।  पुलिस विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम के संबंध में सभी प्रतिबंधों का प्रभावी होना जरूरी है। गमे ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि वह इसे सहजता से लागू करें और दैनिक रिपोर्ट आपातकालीन प्रबंधन केंद्र को भेजें।