Exam fees should be returned, demand of Maharashtra Navnirman Vidyarthi sena

    मालेगांव. सरकार ने इस साल 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द (10th and 12th Exams Canceled)करने का फैसला किया है, लेकिन पहले सरकार ने घोषणा की थी कि परीक्षा ऑफलाइन (Offline)आयोजित की जाएगी और छात्रों से परीक्षा (Exam) के लिए शुल्क (Fees) लिया गया था। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना ने मांग की है कि छात्रों की ये फीस वापस की जाए। 

    कुछ महीने पहले राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के चलते 10वीं और 12वीं की परीक्षा ऑफलाइन कराने का फैसला किया था। इस फैसले का कुछ अभिभावकों और छात्रों ने विरोध किया था, लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। राज्य की समग्र स्थिति को देखते हुए सरकार के इस फैसले को लेकर छात्र और अभिभावक सकारात्मक हैं।

    शुल्क वापस करने का लिया जाए निर्णय

    परीक्षा को ऑफलाइन लेने के पहले के निर्णय के कारण, छात्रों से परीक्षा के लिए शुल्क लिया गया था। अब अगर परीक्षा रद्द होती है तो छात्रों को परीक्षा शुल्क वापस करने से निश्चित तौर पर छात्रों को मदद मिलेगी। मालेगांव शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई छात्र 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे। कोरोना जैसी महामारी में, कई लोगों ने खराब वित्तीय स्थिति के बावजूद छात्रों की शिक्षा को जारी रखना उचित समझा। ऐसे सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को परीक्षा शुल्क वापस करने का यथाशीघ्र सही निर्णय लिया जाए। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर धनंजय निकम के माध्यम से शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ को दिए ज्ञापन में छात्रों और अभिभावकों को फीस लौटाने की मांग की है। इस मौके पर मनसे के शहर अध्यक्ष राकेश भामरे, मनविसे के शहर अध्यक्ष चेतेश असरी, मुकेश परदेशी, प्रवीण सोनवणे, विशाल शेवाले, हर्षल गवली, गणेश महाजन, मुन्ना सूर्यवंशी, किशोर गदरी और निशांत जाधव आदि मौजूद रहे।