राज्य सरकार से ज्यादा उम्मीद न करें किसान : पवार

  • केंद्रीय स्तर पर होता है प्याज के आयात-निर्यात का फैसला

नाशिक. राकां अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि राज्य सरकार से प्याज के मुद्दे पर कोई उम्मीद नहीं की जानी चाहिए. पवार इन दिनों नाशिक के दौरे पर हैं और उन्होंने केंद्र द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में प्याज व्यापारियों के साथ चर्चा की है. इस समस्या का समाधान राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार के माध्यम से किया जा सकता है. राज्य सरकार के साथ चर्चा से कोई फायदा नहीं होगा. शरद पवार ने कहा कि प्याज का निर्यात और आयात केंद्रीय स्तर पर किया जाता है. इसके अलावा, केंद्र इस संबंध में सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगा और आज केंद्र से समय मांगेगा.

किसानों व व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाने का दिया आश्वासन

शरद पवार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि हम किसानों और व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाएंगे और केंद्र के साथ नीति पर चर्चा करने पर जोर देंगे. साथ ही पवार ने उत्पादकों को सलाह दी कि आयात, निर्यात के निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार में आते हैं. राज्य का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगर प्याज की कीमत थोड़ी बढ़ जाती है, तो आयकर दाता कुछ सुनेंगे, बाजार बंद नहीं करेंगे. किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं होने देंगे. 

केंद्र के फैसले के खिलाफ व्यापारी आक्रामक

इस बीच, जिले में प्याज की हलचल तेज हो गई है और केंद्र सरकार के प्याज के फैसले को लेकर व्यापारी आक्रामक हो गए हैं. व्यापारियों के नीलामी बंद कर देने से किसान असमंजस में हैं. जहां किसान बेमौसम बारिश से उबर रहे हैं, वहीं व्यापारियों द्वारा नीलामी बंद करने के कारण उनको नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसान संगठनों ने भविष्य में आंदोलन की चेतावनी दी है. इस पृष्ठभूमि में पवार ने बुधवार को नाशिक का दौरा किया. बताया जा रहा है कि पवार नाशिक ज़िले के विभिन्न कृषि इलाकों का दौरा करेंगे और किसानों की समस्याओं पर उनसे चर्चा भी करेंगे.