रिफाइनरी के टैंकर से गैस चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

  • घरेलू व व्यावसायिक 39 सिलेंडर जब्त, तीन गिरफ्तार

धुलिया. रिफाइनरी से री फिलिंग सेंटर तक जाने वाले टैंकर से गैस चोरी कर कालाबाजारी करने वाले एक गिरोह का तहसील पुलिस ने शुक्रवार तड़के पर्दाफाश किया है. तालुका पुलिस ने टैंकर समेत 31 लाख 13 हजार 592 रुपये की सामग्री जब्त किया है. पुलिस ने इस गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से  भरे व  खाली  व्यावसायिक 10  घरेलू 29 गैस सिलेंडर

बरामद किया है. गिरोह का सरगना वाहन चालक फरार है. मुंबई रिफाइनरी से अमरावती सेंटर तक जाने के दौरान चालक से मिलीभगत कर धुलिया तहसील क्षेत्र  के जलगांव धुलिया महमार्ग पर होटल कलकत्ता के पीछे खाली सिलेंडरों में री फिलिंग किया जाता था. फिर इसे कम कीमत व छोटे सिलेंडर में भरकर जलगांव व धुलिया के अन्य शहरों में बेचते थे. तहसील पुलिस ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर छापामार कार्रवाई कर अवैध रूप से गैस चोरी कर सिलेंडरों भरने करने के आरोप में भरत हरिदास चौधरी धुलिया, पारस जयंतीलाल जैन दहिवेल पारोला, नरेंद्र देवीदास हिवराले बालापुर अकोला को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मुंबई रिफाइनरी से आने वाले टैंकर को धुलिया जलगांव स्थित होटल के जंगल में रोकते थे और व्यवसायिक और घरेलू सिलेंडर में गैस री-फिल करते थे. इसके बदले में टैंकर के चालक व परिचालक को  रुपये दिया जाता था. इस गिरोह का सरगना वाहन चालक अकोला का रहने वाला है और उसी ने रिफाइनरी के चालक से सेटिंग कर कालाबाजारी शुरू की. वाहन चालक राहुल गजानन दाभाड़े फरार होने में कामयाब हो गया है.

पुलिस को इस कालाबाजारी की सूचना मुखबिर से मिली थी. इसके बाद जिला आपूर्ति अधिकारी बृजभूषण के साथ पुलिस की टीम लगी थी. मौका मिलते ही शिप्रा कट से कालाबाजारी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

रिफाइनरी को दी गई सूचना

पूछताछ में रिफाइनरी के टैंकर चालक की मिलीभगत की जानकारी के बाद पुलिस ने मुंबई रिफाइनरी को इसकी सूचना दे दी है. यह रिफाइनरी इंडियन ऑयल की है और इसकी आधिकारिक जानकारी इंडियन ऑयल को भेजी जाएगी. रिफाइनरी के टैंकर से गैस निकाल कर कालाबाजारी करने वाले गिरोह  के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके बाद अमरावती रिफाइनरी को जानकारी भेजी गई है. इसमें शामिल अन्य लोगों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

मशीन से रात में निकालते थे गैस

इस गिरोह के सरगना के पास गैस निकालने वाली मशीन है. इससे कम समय में गैस निकालते थे. रात में टैंकर को कोट के जंगल में ले जाकर इसे अंजाम दिया जाता था.

छोटे सिलेंडर में भर कर बेचते थे

टैंकर से व्यावसायिक सिलेंडर में री फिल किया जाता था. इन सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में भरकर बेचा जाता था. व्यावसायिक सिलेंडर 1200 से 1500 रुपये में बेची जारी थी लेकिन सबसे अधिक फायदा छोटे सिलेंडर से होता था. धुलिया, पारोला  व अन्य शहरों में इसे सप्लाई किया जाता था.

-थानाध्यक्ष, दिलीप गांगुर्डे