Give vocational training to the children of the farmers who donated land to the Samridhi project

    नाशिक. उप जिलाधिकारी विट्ठल सोनवणे  ने कहा है कि समृद्धि महामार्ग (Samriddhi Highway) प्रकल्प के लिए जमीन देने वाले किसान अपने बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण (Training) दें। ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर पाएं। वे किट वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल मर्यादित और कौशल्य विकास और उद्योजकता मंत्रालय के जन शिक्षा संस्थान, नाशिक के संयुक्त तत्वावधान में अलग-अलग प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाने वाला है। इससे सभी का विकास होगा।

    शिक्षा संस्था को दी गई किसानों की सूची

    जन शिक्षा संस्था की संचालिका ज्योति लांडगे ने कहा कि कौशल्य प्रशिक्षण देते समय सिन्नर तहसील के समृद्धि महामार्ग प्रकल्प को जमीन देने वाले 26 गांवों की सूची और इगतपुरी तहसील के 23 गांवों की सूची शिक्षा संस्था को दी गई है। यह प्रशिक्षण प्रत्यक्ष गांव में दिया जाने वाला है। प्रशिक्षण के लिए गांव के ग्रामसेवक और सरपंच की मदद से जगह उपलब्ध कराने के बाद प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की जाएगी। कुल 20 वेल्डिंग असिस्टेंट कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। किट वितरण के बाद प्रशिक्षणार्थियों ने प्रस्तुतीकरण किया। सिन्नर में किट वितरण के समय सिन्नर महाविद्यालय के डॉ. रसाल, सिन्नर औद्योगिक केंद्र के प्राचार्य किशोर भामरे, वेल्डिंग असिस्टेंट कोर्स के मार्गदर्शक शिक्षक काशीनाथ मुलक आदि उपस्थित थे।

    सिलाई से संबंधित किट का वितरण

    इगतपुरी तहसील के पिंपलगांव और धामणगांव में 40 सिलाई कामकाज का किट वितरित किया गया। इस समय पिंपलगांव के सरपंच मालन वाघचौरे, नामदेवराव वाघचौरे धामणगांव के सरपंच तुकाराम कोडुले, उपसरपंच शिवाजी गाढवे, ग्रामसेवक दलवी, ग्रामपंचायत सदस्य सीताराम मनोहर, जन शिक्षा संस्था के कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश नाठे, प्रोग्राम असिस्टेंट संदीप शिंदे, दत्तात्रय भोकनल सहित ग्रामपंचायत सदस्य उपस्थित थे।