Government could not maintain reservation, Radhakrishna made serious allegations against the current government

    येवला. मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) को लेकर समुदाय की राय जानने के लिए 2 दिवसीय यात्रा का येवला (Yevala) में समापन हुआ। इस मौके पर पूर्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल (Radhakrishna Vikhe Patil) ने कहा कि मौजूदा मंत्रियों को आरक्षण के लिए समय देने की बजाय फाइल पर हस्ताक्षर करना जरूरी लगता है। आरोप लगाया कि सरकार पिछली सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण (Reservation) को बरकरार नहीं रख सकी।

    शरद पवार को आरक्षण देने से किसने रोका? उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आरक्षण क्यों नहीं दिया? मुख्यमंत्री को अन्य दलों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री से मिलने जाना था, लेकिन उन्होंने उनमें से केवल 2 को ही लिया। यह आरोप विखे पाटिल ने लगाया।

    एक झंडे के नीचे आए समाज

    विखे ने कहा कि हम संभाजी महाराज से अनुरोध करेंगे कि भले ही आप नेतृत्व करें, लेकिन समाज को एक झंडे के नीचे आना चाहिए। एडवोकेट माणिकराव शिंदे ने कहा कि छगन भुजबल अब समता परिषद और पिछड़ा वर्ग समुदाय तक सीमित नहीं हैं, वे इस निर्वाचन क्षेत्र के सभी समुदायों के नेता हैं। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से चार बार निर्वाचित हुए हैं। अब छगन भुजबल को ओबीसी में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए। सभी को समान न्याय देने की भूमिका निभाते हुए अब भुजबल को पूरे समाज का नेतृत्व करना चाहिए। ओबीसी समुदाय के नेताओं को अब समग्र भूमिका निभानी चाहिए और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण का लाभ देने के लिए पहल करनी चाहिए। शरद पवार का भी मानना है कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। शिंदे ने कहा कि मराठा समुदाय के युवाओं की रचनात्मक शक्ति को अब मराठा समुदाय के नेताओं द्वारा बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

    सांसद सहित मौजूद रहे पदाधिकारी, कार्यकर्ता

    कार्यक्रम में सांसद डॉ.भारती पवार, कापसे पैठणी उद्योग समूह के बालासाहब कापसे, डॉ. एस.के. पाटील, भाजपा जिलाध्यक्ष केदा आहेर, बाबा डमाले, नगरसेवक प्रवीण बनकर, प्रमोद सस्कर, आनंद शिंदे, संजय सोमासे, राजेंद्र पवार, तरंग गुजराथी, अक्षय तांदले, सुधाकर पाटोले, संतोष काटे, गोरख पवार, सागर नाईकवाडे, संकेत जाधव, प्रवीण निकम, छगन दिवटे, रावसाहेब कोटमे, किरण लभडे, महेश पाटील, डॉ. गोविंद भोरकडे, युवराज पाटोले, दीपक मढवई आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर संजय सोमासे, दीपक मढवई, चंद्रमोहन मोरे, तुकाराम देवढे ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन आनंद शिंदे, प्रा. नानासाहेब लहरे ने किया। आभार नंदकिशोर शिंदे ने व्यक्त किया