सरकार ने 80% किसानों का मक्का नहीं खरीदा

  • खरीदी के इंतजार में 16 हजार से अधिक किसान

जलगांव. जिले के हजारों किसानों ने ऑनलाइन मक्का खरीदी करने के लिए पंजीकरण कराया है लेकिन उनकी मक्का की खरीद नहीं हो रही है. किसान दो महीने से इंतजार कर रहे हैं कि सरकार कब मक्का खरीदने के आदेश जारी करेगी. जिले के 16 सरकारी खरीदी केंद्रों में 20462 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिसमें से 30 जुलाई के अंत तक केवल 4,086 किसानों से मक्का खरीदा गया था.16 हजार 376 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया है, लेकिन उनकी मक्का खरीदी अभी तक लंबित है.

अतिरिक्त 2.5 लाख मक्का खरीदी को मंजूरी

केंद्र सरकार ने राज्य में अतिरिक्त 2.5 लाख मक्का की खरीद को मंजूरी दी है. तदनुसार, जब मक्का की खरीद चल रही थी, 30 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे, सरकार का ऑनलाइन मक्का खरीद पोर्टल अचानक बंद कर दिया गया था. जिसके चलते राज्य में मक्का की खरीद बंद कर दी गई. जिले के हजारों किसानों के घर में मक्का खरीदी के इंतजार में सड़ रही है. मक्का खरीदने की प्रक्रिया का बेसब्री से सबसे अधिक इंतजार भड़गांव, चालीसगांव, पाचोरा, जामनेर, धारगांव, एरंडोल, अमलनेर के किसान कर रहे हैं.

गिनती में भेदभाव की आशंका

जामनेर  तहसील में 1हजार 870 में से 49 किसानों की मक्का की गिनती की गई. संदेह जताया जा रहा है कि नेताजी के करीबी किसानों की गिनती की गई.अभी भी एक हजार 821 किसान मक्का के वज़न करने के इंतज़ार में हैं. जिले के 16 सरकारी खरीदी केंद्रों में 20 हजार 462 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था. जिसमें से 30 जुलाई के अंत तक केवल 4,086 किसानों से मक्का खरीदा गया था. 16 हजार 376 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया है, लेकिन उनकी मक्का की गिनती अभी भी लंबित है. सरकार को मक्का गणना की समुचित योजना बनाने की जरूरत थी.

अचानक बंद कर दिया गया खरीदी पोर्टल

सरकार बकाया किसानों की मक्का कब खरीदेगी. हजारों किसान मक्का खरीदी के इंतजार में आस लगाए बैठे हैं.जिन किसानों का मक्का गिना गया, वे मजे में हैं. जिन किसानों को मक्का की गिनती खरीदी सरकार ने नहीं की, वे किसान भूखे मर रहे हैं. जिले के 16 हजार 376 किसान मक्का खरीदने की उम्मीद सरकार से लगाए बैठे हैं. जिले के किसानों से सरकार ने मात्र नाम के लिए मक्का खरीदी केंद्र को शुरू किया था, उसके चंद दिन बाद ही सरकार ने अचानक मक्का खरीदी पोर्टल को बंद कर दिया.अभी तक ज़िले में १६ खरीदी केंद्र से २० हजार ४६२ किसानों ने पंजीयन किया था. जिसमें से मात्र चार हजार ८६ किसानों की मक्का खरीदी की गई है. 16 हजार 376 पंजीकृत किसान अभी भी संघर्ष कर रहे हैं. कुल पंजीकरण में से 19.96 प्रतिशत किसानों से मक्का खरीदा है, जबकि 80 प्रतिशत किसानों ने की आशा पर सरकार ने पानी फेर दिया है.