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    नाशिक. कोरोना मरीज (Corona Patient) उपचार के लिए सरकारी अस्पताल (Government Hospital) का रुख कर रहे हैं जिसके चलते अब अस्पतालों में जगह नहीं है। इतना ही नहीं जिला सरकारी अस्पताल (District Government Hospital) और वैद्यकीय महाविद्यालय में होने वाले बेड और मरीजों की संख्या एक जैसी होने से नए सिर से आने वाले मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंता में दिखाई दे रही है।

    निजी अस्पताल (Private Hospital) में उपचार के लिए बेड उपलब्ध न होने की शिकायतें बढ़ रही है। वहीं मरीजों को समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो गया है। मरीजों को उपचार के लिए कम से कम 8 दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।

    अतिरिक्त बेड की करनी होगी व्यवस्था

    निजी अस्पताल का खर्च अधिक होने से जरूरतमंद मरीज उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में जाते है। वहीं सरकारी अस्पताल में अब नये मरीजों के लिए बेड नहीं है, जिसके चलते महकमा हलाकान है। जिला सरकारी अस्पताल के बेड की क्षमता 110 है। इतने ही मरीज यहां पर उपचार ले रहे है। मालेगांव सरकारी अस्पताल के बेड की क्षमता 100 है। यहां पर 82 मरीज उपचार ले रहे है। आड़गांव वैद्यकीय महाविद्यालय के बेड की क्षमता 70 है। यहां पर उतने ही मरीज उपचार ले रहे है। इसलिए यहां पर नए मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो रहा है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग चिंता में दिखाई दे रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है।

    नाशिक में 51 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी संक्रमित

    इस बीच, शहर और जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस बीच शहर के पुलिस विभाग को भी कोरोना का सामना करना पड़ रहा है। अब तक 10 पुलिस अधिकारी और 41 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें कुछ पुलिस कर्मियों का विलगीकरण किया गया है, तो कुछ कर्मियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। 10 पुलिस अधिकारी व 41 पुलिस कर्मियों के साथ कुल 51 पुलिस वाले संक्रमित हुए हैं। हाल ही में परिमंडल एक के दो व अपराध शाखा के 3 अधिकारी संक्रमित मिले। संक्रमित 51 पुलिस कर्मियों में से 4 कर्मियों ने कोरोना को मात दे दी है। वर्तमान में 44 पुलिस कर्मियों का इलाज किया जा रहा है, जिसमें 7 अधिकारी और 37 कर्मी शामिल हैं।