FARMER RICE

    इगतपुरी. इगतपुरी तहसील (Igatpuri Tehsil) के किसानों (Farmers) ने खरीफ फसल की ओर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है, जो बारिश (Rain) पर निर्भर धान उत्पादन में अग्रणी है। गुणवत्तायुक्त बीज और खाद खरीदने से लेकर कृषि विभाग से परामर्श लेने तक किसान व्यस्त हैं। अधिकतम लक्ष्य 28,000 हेक्टेयर में धान की खेती का है। इगतपुरी तहसील में उत्तरी महाराष्ट्र के क्षेत्र सबसे ज्यादा बारिश होती है। इसलिए इस तहसील में बड़ी मात्रा में धान (Rice) उगाया जाता है। धान के अलावा, नागली, वरई, तिलहन, मूंगफली, खुरासनी, सोयाबीन और मक्का भी पहाड़ी और वर्षा आधारित क्षेत्रों में उगाए जाते हैं। 

    इस वर्ष भी खरीफ मौसम के दौरान मकई, नगली, सोयाबीन, खुरासनी, मूंगफली और दालों की कुछ हद तक बुवाई की गई, मुख्यतः देश के पूर्वी भाग में अपेक्षाकृत कम वर्षा और पहाड़ी इलाकों में उगाई जाने वाली फसलें लगाने की तैयारी कर ली गई है।

     पिछले साल बर्बाद हो गयी थी फसल

    पिछले साल तहसील के किसानों को अपनी फसलों के बरबाद होने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। किसान रबी की फसल और सब्जी उगाने में भी विफल रहे। किसान एक बार फिर खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे हैं। नई किस्मों के बीज, उर्वरक को खरीदने का समय आ गया है। इगतपुरी तहसील का कुल क्षेत्रफल 35,307 हेक्टेयर है और उनका उद्देश्य इस वर्ष लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती करना है। इस वर्ष तहसील में नागली फसल का लक्ष्य 917 हेक्टेयर है। सोयाबीन का लक्ष्य 911 हेक्टेयर, खुरासानी का 600 हेक्टेयर, मकई का 122 हेक्टेयर और मूंगफली का 368 हेक्टेयर का लक्ष्य है। 

    इगतपुरी तहसील में किसानों ने उर्वरक और बीज खरीदना शुरू कर दिया है क्योंकि इस साल बारिश का पूर्वानुमान भी उत्साहजनक है। किसान बीज, खाद खरीदने में जल्दबाजी न करें। किसानों को सरकार के नियमों का पालन करना चाहिए। किसान खाद और बीज खरीदते समय नियमित रसीद लें।

    -शीतल कुमार तवर, तालुका कृषि अधिकारी, इगतपुरी