गर्भपात की दवाओं का अवैध स्टॉक जब्त

  • FDA की मालेगांव में बड़ी कार्रवाई

मालेगांव. शहर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग के दस्ते द्वारा गर्भपात दवाओं के अवैध स्टॉक को जब्त कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार रिक्शे से अवैध रूप से ड्रग्स और किट ले जाया जा रहा था. उस समय दस्ते ने कार्रवाई की. जब्त दवाओं की कीमत 90000 रुपये बताई गई है. मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और दूसरा फरार हो गया है.

पुलिस को सूचना मिली थी कि मालेगांव में गर्भपात की दवाओं का भंडार भरा जा रहा है. जिसके अनुसार आजादनगर पुलिस ने नशीली दवाओं के परिवहन करने वाले रिक्शा पर नजर रखी. रिक्शा आजादनगर पुलिस स्टेशन की सीमाओं से होकर गुजर रहा था. एक आदमी रिक्शे के पीछे मोटरसाइकिन पर चल रहा था. पुलिस ने देखा कि वह अपने आसपास की हरकतों को देख रहा था. पुलिस रिक्शा का पीछा करती रही. पुलिस को देखकर बाइक सवार संदिग्ध भाग गया. काफी देर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने रिक्शा रोका. 

कीमत 90,000 रुपये 

रिक्शे से क्लिनकीट (कॉम्बिकिट ऑफ मिफेप्रीस्टोन अॅण्ड मिसोप्रोस्टल टॅब) के 600 रुपये कीमत के 150 किट मिले. जिसकी कीमत 90,000 रुपये बताई गई है. जब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के नाशिक कार्यालय में ड्रग इंस्पेक्टर प्रशांत ब्रह्मणकर से पुलिस ने पूछताछ की, तो यह स्पष्ट हो गया कि उनके पास गोलियां बेचने का कोई लाइसेंस नहीं था. साथ ही इन दवाओं के बिल नहीं मिले. 

एक आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आबिद अमीन को गिरफ्तार कर लिया है और आजादनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है. आगे की जांच इंस्पेक्टर प्रदीप अवध द्वारा की जा रही है. डॉक्टर के पर्चे के बिना बेचने से प्रतिबंधित केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को गर्भपात की दवाएं बेचने की अनुमति है. अन्य दवाओं की तरह इन दवाओं की बिक्री निषिद्ध है और केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा अनुशंसित होने पर संबंधित रोगी को बेचने की अनुमति है. इनमें से कितनी दवाएं बेची गईं? यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी कि इसे किस मेडिकल स्टोर से बेचा गया है.