bjp

    नाशिक. भाजपा (BJP) में संकटमोचक के रूप में चर्चित पूर्व मंत्री गिरीश महाजन (Girish Mahajan) को शिवसेना (Shiv Sena) ने जोरदार झटका दिया है। भाजपा में बड़ी दरार डालने में शिवसेना सफल हो गई है। भाजपा के लगभग 27 नगरसेवक (Corporators)शिवसेना के गुट में शामिल हो गए हैं। इसके बाद दहशत में आए भाजपा के नेताओं ने बचे-खुचे नगरसेवकों को सुरक्षित स्थान (Safe Place) पर स्थानांतरित कर दिया है। 

    भाजपा ने 20 से 22 नगरसेवकों को रविवार की रात नाशिक के एक निजी होटल में रात गुजारने के लिए रखा। इसके बाद सोमवार को उन्हें इगतपुरी के एक अज्ञात स्थान पर पहुंचाया गया। भाजपा के संकटमोचक के रूप में गिरीश महाजन को देखा जाता है। राज्य में गुटबाजी करने और तोड़ने में महाजन को माहिर माना जाता है, लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी पार्टी ने उन्हें उनके होम ग्राऊंड पर धोबीपछाड़ देने का नियोजन किया है। 

    18 मार्च को जलगांव के महापौर पद का चुनाव 

    जलगांव के महापौर पद का चुनाव गुरुवार 18 मार्च को होने वाला है। इस बीच जलगांव की राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा के 27 नगरसेवकों के शिवसेना के साथ हाथ मिलाने की खबर है। इससे पूर्व मंत्री महाजन के माथे की शिकन बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि, जलगांव महापालिका में भाजपा के 57 नगरसेवक हैं। इसमें से 27 नगरसेवक रविवार को मुंबई पहुंच गए हैं। इसलिए शेष 30 नगरसेवकों के गुट को संभालने के लिए उन्हें नाशिक में स्थानांतरित किया गया है। इसमें से 4 नगरसेवकों के शिवसेना के संपर्क में होने की खबर है। इसलिए बचे हुए 26 में से 22 नगरसेवकों को रविवार की रात को नाशिक लाया गया है। शहर के इंदिरानगर स्थित एक होटल पर 18 नगरसेवक, शेष 2 विश्रामगृह में होने की चर्चा है, लेकिन उन्हें डर के मारे फिर से इगतपुरी स्थित एक रिसॉर्ट में रवाना करने की बात कही जा रही है। जहां से और कहीं पर संबंधितों को रवाना करने का नियोजन किया जा रहा है।

    तीन लोगों को सौंपी गई जिम्मेदारी

    नाशिक में संबंधित नगरसेवकों को लाकर छोड़ने के बाद महाजन के करीबी तीन नगरसेवकों पर उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें नगरसेविका भी शामिल है। महाजन के विश्वासपात्र नीलेश बोरा व मनपा के तीन वरिष्ठ नगरसेवक व पदाधिकारी संबंधित नगरसेवकों की खातिरदारी कर रहे हैं। जिन्हें संबंधित नगरसेवकों को संभालने सहित शिवसेना से मिलीभगत करने वाले नगरसेवकों को वापस लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष यह है कि नाशिक निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।