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  • 154 किमी राजमार्ग को किया जा रहा चौड़ा
  • 600 करोड़ थी 10 वर्ष पहले औसत लागत

धुलिया. केंद्र सरकार ने 2011 में धुलिया से चालीसगांव- औरंगाबाद तक 154 किमी राजमार्ग की औसत लंबाई को चौगुनी करने का फैसला किया. उसके लिए एक अधिसूचना जारी की गई थी. गिनती शुरू हुई. हालांकि, शिकायतों, धन की कमी  के कारण परियोजना में देरी हुई. नतीजतन,केंद्र ने एक नए टेंडर के साथ एक ठेकेदार नियुक्त करने का फैसला किया है. बता दें कि धुलिया-औरंगाबाद हाईवे के कार्य में ढिलाई के चलते वाहनधारकों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. धुलिया जिले में संचार सुदृढ़ीकरण परियोजनाएं सामने आईं. धुलिया-नाशिक, धुलिया-पलासनेर हाईवे पूरा हुआ. अमरावती से धुलिया- नवापुर होते हुए राजमार्ग को फोर लेन करने का काम शुरू हो गया.

10 वर्ष से ठप पड़ा है काम

हालांकि, धुलिया-चालीसगांव के रास्ते औरंगाबाद राजमार्ग के चार लेन का काम दस साल से ठप पड़ा है. इसके लिए विभिन्न कारण बताए जा रहे हैं. यह देखते हुए अब एक नई प्रक्रिया लागू की जाएगी. सुनील हाइटेक कंपनी को धुलिया-औरंगाबाद राजमार्ग के चार लेन के काम के लिए नियुक्त किया था. हालांकि कंपनी वित्तीय निवेश नहीं कर सकी. उसे ऋण राशि नहीं मिल सकी. इसलिए केंद्र ने कंपनी को टर्मिनेट कर दिया. साथ ही उसकी बैंक गारंटी जब्त कर ली.

कंपनी को 2017 में परिचालन शुरू करने की उम्मीद थी. हालांकि, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के कारण, केंद्र सरकार द्वारा अगले महीने एक नया टेंडर जारी किया जाएगा और एक नई ठेकेदार कंपनी को नियत प्रक्रिया के बाद दो से तीन महीने में काम के लिए नियुक्त किया जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना कार्यालय ने यह जानकारी मिली है.

नागपुर-मुंबई की दूरी कम करने में मदद

धुलिया से नाशिक तक का मुंबई-आगरा राजमार्ग 450 करोड़ रुपये की लागत से 150 किलोमीटर तक फोर – वे हो गया.वहीं धुलिया से मध्यप्रदेश की बार्डर पलासनेर तक 350 करोड़ रुपये निधि से 92 किलोमीटर हाईवे का काम हो गया है.अब साढे़ पांच हजार करोड़ की निधि से अमरावती-धुलिया मार्ग नवापुर हाईवे राजमार्ग परिक्षेत्र के माध्यम से काम शुरू किया गया है. जिले में सड़कों की मजबूती से नाशिक, औरंगाबाद, नागपुर और मुंबई के बीच समय अंतराल को कम करने और उन्हें बाजार के करीब लाने में मदद होगी.यह स्थिति औद्योगीकरण के साथ विकास के लिए अनुकूल है.

लिया -औरंगाबाद की स्थिति

धुलिया-औरंगाबाद राजमार्ग के फोर -वे कार्य की लागत दस साल पहले औसतन 600 करोड़ रुपये थी. कार्य में देरी होने से परियोजना की लागत अब 1500 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. इस परियोजना में औसतन 136 गांव शामिल हैं, जिनमें औरंगाबाद, गंगापुर में 77 गांव,खुलताबाद,कन्नड़ तहसील, चालीसगांव में 40 गांव और धुलिया तहसील में 12 से 17 गांव शामिल हैं.

धुलिया जिले में यातायात परियोजनाएं सामने आईं. धुलिया -नाशिक, धुलिया-पलासनेर राजमार्ग हाईवे पूरा हो गया.अमरावती-धुलिया से नवापुर तक राजमार्ग के फोर-लेनिंग का काम ढिलाई से किया जा रहा है.