सर्वेक्षण कर सफल बनाएं मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान

  • आपातकालीन कार्य की जायजा बैठक में बोले जिलाधिकारी मांढरे

नाशिक. जिलाधिकारी सूरज मांढरे ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत प्रभावी सर्वेक्षण करना आवश्यक है. सर्वेक्षण के तहत हर परिवार के सदस्यों को कौन-कौन सी बीमारी है? इस बारे में जानकारी लेकर तुरंत उपचार करना जरूरी है. वे जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित आपातकालीन कार्य केंद्र की जायजा बैठक को संबोधित कर रहे थे. इस समय अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे, उपजिलाधिकारी वासंती माली, अरविंद अंतुर्लीकर, निलेश श्रींगी, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रत्ना रावखंडे, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्रीनिवासन, डॉ. निखिल सैंदाने, निवासी वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अनंत पवार, अतिरिक्त जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. दावल सालवे, मनपा के सहायक आरोग्य अधिकारी डॉ. प्रशांत शेटे, जिला उद्योग व्यवस्थापक सतीश भामरे, जिला नियोजन अधिकारी देवेंद्र चौधरी आदि उपस्थित थे.

रेमडेसिविर की कालाबाजारी के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें

इस दौरान मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान के दूसरे चरण का सर्वेक्षण प्रभावी रूप से करने के लिए जिलाधिकारी मांढरे ने समन्वयक अधिकारी के रूप में नाशिक ग्रामीण के लिए अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्र शिंदे, मालेगांव के लिए उपजिलाधिकारी अरविंद अंतुर्लीकर और नाशिक महानगर पालिका क्षेत्र के लिए सहायक वैद्यकीय अधिकारी डॉ. प्रशांत शेटे का चयन किया गया. जिलाधिकारी मांढरे ने जिला सरकारी अस्पताल में ठेकेदार के कर्मचारियों को रेमडेसिविर औषधि को लेकर की गई कालाबाजारी को लेकर जिला शल्य चिकित्सक रत्ना रावखंडे, जिला विधि अधिकारी हेमंत नागरे के साथ चर्चा कर संबंधितों पर तुरंत मामला दाखिल करने के आदेश दिए. इस मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें. 

सही नियोजन से जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन

मांढरे ने आगे कहा कि सही नियोजन के चलते जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन है. इसलिए उद्योगों को मांग के अनुसार ऑक्सीजन सिलेंडर दिया जा रहा है. रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर किए गए सख्त मूल्यमापन से जिले में औषधि का भंडारण पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है. फिर भी आज की स्थिति में शुरू मूल्यमापन हमेशा के लिए होने हेतु सावधानी बरतें.  महात्मा ज्योतिबा फुले आरोग्य योजना का मरीजों को लाभ मिले, इसलिए सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल प्रशासन प्राथमिकता दें. मनमाड और सुरगाणा में आवश्यक होने वाले विशेष कोविड आरोग्य केंद्र (डीसीएचसी) को तैयार करने के लिए प्राथमिकता दें.