सरकारी नियमानुसार ही मिलेगा मनपा कर्मियों को वेतन

  • वेतन बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव किया खारिज

नाशिक. मनपा कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग लागू करने के मामले में राज्य शासन ने मान्यता दी है, ऐसा आदेश मनपा को प्राप्त हुआ है, लेकिन इस वेतन श्रेणी को देने के लिये शासन का पद समकक्ष वेतन श्रेणी से अधिक वेतन नहीं दिया जा सकता. ऐसा स्पष्टीकरण राज्य शासन ने दिया है. इसके कारण शायकीय अधिकारी-कर्मचारियों के बराबर वेतन लेने वाले मनपा के कर्मचारियों के सामने कठिनाई खड़ी हो गई है. बताया जा रहा है कि मनपा कर्मचारी इस संबंध में शासन के साथ लड़ाई के मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.

मनपा में 7000 कर्मचारी

नाशिक मनपा में कुल 7000 कर्मचारी हैं, उन्हें इससे पहले 6ठे वेतन आयोग पर 10 प्रश. अतिरिक्त वेतन बढ़ोत्तरी देकर मनपा ने वेतन अदा किया है. सरकारी पदों के अधिकारी और कर्मचारियों से अधिक नाशिक मनपा के कर्मचारियों का वेतन है. अर्थात इसके लिये नाशिक मनपा ने उस समय शासन की मान्यता ली थी. लेकिन इस बार राज्य शासन ने 7वां वेतन आयोग लागू करते हुए नीमसरकारी संस्थाओं को सरकारी पद के बराबर वेतन श्रेणी देने पर रोक लगा दी है. नाशिक मनपा के कर्मचारियों के वेतन में अब कम से कम बढ़ोत्तरी होगी. 

6ठे वेतन आयोग से 10 प्रश. अधिक दिया गया था वेतन

वहीं कुछ के वेतन अधिक कम होने की संभावना है. इससे पहले के आदेश के अनुसार ही कर्मचारियों को 7वें वेतन में अधिक वेतन देने के संबंध में मनपा की महासभा में प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसके अनुसार मनपा आयुक्त ने शासन को प्रस्ताव भेजा था लेकिन शासन ने ये प्रस्ताव खारिज कर दिया और आदेश दिया कि मनपा कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन नहीं दिया जा सकता. मनपा कर्मचारी कामगार सेना के अध्यक्ष प्रवीण तिदमे और सचिव राजेंद्र मोरे ने सरकार से बातचीत करके वेतन बढ़ाने की मांग करने का आश्वासन दिया है. मांग पूरी न होने पर संगठन लड़ाई के लिये तैयार रहेगी, ऐसा कहा जा रहा है.