कई बेड खाली, प्रशासन कर रहा नए कोविड सेंटर खोलने की तैयारी

  • शहर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीज
  • धूल फांक रहे मनपा के कई अस्पताल

नाशिक. एक ओर शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या तेज रफ्तार से बढ़ रही है. परंतु मरीजों को उपचार के लिए बेड न होने की शिकायतें मिल रही हैं. इसलिए मनपा ने अब संभाजी स्टेडियम में नए कोविड सेंटर शुरू करने की तैयारी की है. दूसरी ओर मनपा के अनेक अस्पताल में बेड उपलब्ध है. गंगापुर अस्पताल, विल्होली तथा तपोवन स्थित कोविड सेंटर कार्यान्वित नहीं किया गया है. उन्हें शुरू करने पर 200 बेड उपलब्ध हो सकते हैं. परंतु उन्हें शुरू करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है. मुलतानपुरा स्थित छोटा अस्पताल कार्यान्वित किया गया तो कम से कम 25 मरीजों की व्यवस्था होगी. जगह उपलब्ध है, लेकिन व्यवस्था न होने से मरीजों को उपचार के लिए दर-बदर घूमना पड़ रहा है.

कोरोना के नियंत्रण के लिए मनपा की यंत्रणा पर्याप्त न होने से निजी अस्पताल कब्जे में लिए गए हैं. परंतु मनपा के अस्पताल उपयोग के बिना धूल फांक रहे हैं. विशेष यह है कि मनपा ने कोरोना के लिए जल्दबाजी में वेबसाइट और एप तैयार कर उसमें रियल टाईम जानकारी देने की व्यवस्था की है. इसके ही माध्यम से अब खामियां सामने आ रही है. पिछली महासभा में वैद्यकीय अधीक्षक बापूसाहेब नागरगोजे ने शहर में 57 कोविड सेंटर्स तो 132 वेंटिलेटर्स उपलब्ध होने की जानकारी दी थी.

शहर में 9 कोविड सेंटर का निर्माण किया गया है. उसकी क्षमता 1 हजार 735 बेड की है. मनपा के नए बिटको अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है, जिसमें 100 बेड ऑक्सीजन के हैं. साथ ही जरूरत के अनुसार 498 निजी कोविड सेंटर शुरू किए गए हैं. इसमें 1 हजार 334 बेड हैं. इसमें से 577 ऑक्सीजन बेड, 263 आईसीयू बेड तो 69 वेंटिलेटर्स उपचार के लिए उपलब्ध हैं. कोरोना अस्पताल में 630 बेड हैं. इसमें 365 बेड ऑक्सीजन के हैं तथा 109 बेड आईसीयू और 63 वेंटिलेटर हैं. डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में 150 बेड, 100 ऑक्सीजन बेड, 20 आईसीयू बेड और 9 वेंटिलेटर हैं.

नाशिक शहर में सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर कुल 942 ऑक्सीजन बेड, 358 आईसीयू बेड और 132 वेंटिलेटर हैं. ऐसा दावा उन्होंने किया था. परंतु दूसरी ओर मनपा के अनेक अस्पताल और कोविड सेंटर नाम के लिए हैं. मनपा के गंगापुर अस्पताल में 40 बेड खाली हैं. यहां पर डॉक्टर और अन्य कर्मचारी हैं. परंतु प्रशासन इस अस्पताल को शुरू नहीं कर रहा है. विल्होली के पास मनपा के खाद प्रकल्प के नजदीक प्रशिक्षण केंद्र में 100 बेड दिखाए गए हैं. वडाला में 60 बेड रखे गए हैं. यहां का अस्पताल बंद है. यहां पर कोविड सेंटर शुरू किया गया तो 180 मरीजों की व्यवस्था हो सकती है. 

नगरसेवकों के विवाद में नहीं खुल पाया मुलतानपुरा का अस्पताल

मुलतानपुरा स्थित अस्पताल दो नगरसेवकों के विवाद के चलते शुरू नहीं हो पाया. कुल मिलाकर मनपा ने पूरी क्षमता से अस्पताल शुरू किए तो 200 से 250 मरीजों की व्यवस्था हो सकती है. आधी-अधूरी व्यवस्था के चलते मरीजों को निजी अस्पताल में उपचार के लिए लाना पड़ रहा है. यानी कि एक ओर मनपा के अस्पताल बंद तो दूसरी ओर सिडको के संभाजी स्टेडियम में नया कोविड सेंटर शुरू किया जा रहा है. इस पर खर्च करने से पहले यंत्रणा कार्यान्वित करना आवश्यक है. 

जुलाई से बंद है कोविड एप

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए सातपुर की नगरसेविका वर्षा भालेराव ने कहा कि मनपा के डैश बोर्ड पर गंगापुर अस्पताल, तपोवन और विल्होली सेंटर इन एक्टिव दिखाया जा रहा है. वास्तविक विभाग निहाय कोविड सेंटर शुरू किया गया तो मरीजों को नजदीक ही उपचार मिलेगा. गंगापुर गांव का अस्पताल बंद होने से यहां के मरीजों को उपचार के लिए डॉ. हुसैन अस्पताल में जाना पड़ रहा है. मनपा की हेल्पलाइन पर संपर्क करने पर वेबसाइट पर संपर्क करने की बात की जाती है. इसमें दी गई जानकारी और प्रत्यक्ष स्थिति में बहुत अंतर है. कोविड एप तो जुलाई में ही बंद हो गया है, जिसमें अपडेट जानकारी नहीं है. उसे अपडेट करना आवश्यक है.