Metro Neo gets PIB permission

    नाशिक. केंद्र और राज्य के वित्त बजट में नाशिक (Nashik)की महत्वाकांक्षी मेट्रो निओ प्रकल्प (Metro Neo Project) को पब्लिक इन्व्हेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने अनुमति दी है। अब जल्द ही इस प्रकल्प का काम शुरू होगा। केंद्र और राज्य सरकार, सिडको और नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) के संयुक्त प्रयास से शहर के लिए 33 किमी का मेट्रो निओ मार्ग बनाया जाएगा। गंगापुर (Gangapur) से मुंबई नाका (Mumbai Naka) और गंगापुर से नाशिकरोड रेलवे स्टेशन (Nashikroad Railway Station) ऐसे 33 किमी के दो मार्ग में कुल 30 स्टाप रहेंगे।

    मेट्रो निओ प्रकल्प में रबर टायर बस का उपयोग कर तेज यातायात की सुविधा दी जाएगी। रबर टायर बस ओवरहेड इलेक्ट्रीक द्वारा चलाई जाएगी। फरवरी माह में केंद्रीय वित्त बजट में नाशिक मेट्रो निओ को अनुमति देते हुए 2092 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने तीन सप्ताह पहले राज्य के वित्त बजट पेश करते हुए 2100 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।

    तैयार हो रही कामकाज की रुपरेखा

    पिछले सप्ताह में महामेट्रो के सह व्यवस्थापक हेमंत सोनवणे ने मनपा कमिश्नर कैलाश जाधव से प्राथमिक चर्चा की तो हाल ही में केंद्र सरकार के केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आधीन होने वाले पब्लिक इन्व्हेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने प्रकल्प को अनुमति दी। केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, महामेट्रो के महासंचालक डॉ. बृजेश दीक्षित ने संयुक्त रुप से कहा कि महामेट्रो के अधिकारियों को कामकाज की रूपरेखा तैयार कर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है इसलिए अब प्रत्यक्ष मेट्रो निओ कामकाज शुरू होगा।

    एसी होंगे मेट्रो के कोच

    शहर के यात्रियों की संख्या को ध्यान में लेते हुए मेट्रो निओ प्रकल्प बनाया जा रहा है। मेट्रो निओ यह अन्य शहरों में होने वाले मेट्रो की तरह आरामदायी, सुरक्षित, पर्यावरणपूरक और तेज होगा। मेट्रो निओ के कोच अन्य मेट्रो कोच की तरह एसी होंगे। देश में इस तरह का

    केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने महामेट्रो के अधिकारियों को कार्य की रुपरेखा तैयार कर काम शुरू करने का निर्देश दिया है। मेट्रो निओ प्रकल्प नाशिक शहर का भविष्य बदलने वाला है। प्रकल्प के लिए मनपा नाशिक मेट्रो निओ निर्माण के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।

    - कैलाश जाधव, कमिश्नर, मनपा, नाशिक
    प्रकल्प पहली बार बनाया जा रहा है। नाशिक का नाम अब विश्व में पहुंचेगा।