Nashik-Pune Semi Highspeed Project

    नाशिक. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा हाल ही में नाशिक-पुणे सेमी हाईस्पीड प्रोजेक्ट (Nashik-Pune Semi Highspeed Project) को मंजूरी देने से नए रेलवे के निर्माण का मार्ग खुल गया है। नाशिक-पुणे रेलवे को बनाने के लिए देश की कई कंपनियों ने अपनी तैयारी दिखाई है, लेकिन प्रतिष्ठित कंपनी कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन (Konkan Railway Corporation) इसे कम खर्च (Less Expense) और समय (Time) के भीतर पूरा करने का दावा किया है। 

    कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने हाल ही में परिवहन और पोर्ट मंत्रालय के मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह (Ashish Kumar Singh) को एक पत्र (Latter) सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि कंपनी को नाशिक-पुणे रेलवे लाइन के निर्माण की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।  कंपनी के पास नवीनतम उपकरण और सामग्री है और जम्मू-कश्मीर जैसे बहुत उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भी रेलवे परियोजनाओं के सफल निर्माण का अनुभव है।

    सांसद हेमंत गोडसे ने की थी मांग

    कोंकण रेलवे के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि कंपनी नाशिक-पुणे रेलवे मार्ग का निर्माण करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। नाशिक-पुणे-मुंबई महाराष्ट्र के 3 सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से हैं, इन तीन शहरों को जोड़ने वाला एक रेल मार्ग होना चाहिए। सांसद हेमंत गोडसे पिछले कुछ वर्षों से नाशिक-पुणे रेलवे लाइन के निर्माण के लिए प्रयास कर रहे थे, क्योंकि यह दोनों शहरों को एक-दूसरे से औद्योगिक रूप से जुड़े होने पर बहुत बड़ा विकास होगा। उनके निरंतर प्रयास के कारण केंद्र और राज्य सरकारों ने हाल ही में नाशिक-पुणे सेमी हाई स्पीड रेलवे को मंजूरी दी है।

    जल्द शुरु होगा रेल मार्ग का निर्माण

    इस परियोजना पर 16000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा जिसमें से 20 प्रतिशत राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा और 60 प्रतिशत विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाएगा। परिणामस्वरूप रेलवे का वास्तविक निर्माण जल्द ही शुरू होगा। नाशिक-पुणे रेलवे वर्तमान में कल्याण से चल रही है और यह भुसावल से पुणे तक का मार्ग तय करती है। संपूर्ण स्वतंत्र नाशिक-पुणे रेलवे लाइन के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया कई बार शुरू की गई थी। ऐसी प्रतिक्रियाओं की सूचना मिली थी कि ऐसा संभव नहीं है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए नाशिक-पुणे-मुंबई मार्ग के साथ शहरी बस्तियों का विस्तार भविष्य में उपयोगी हो सकता है, क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारों ने इस हाई-स्पीड रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है। वास्तविक प्रक्रिया का अब इंतजार है।

    पर्वत घाटियों में सुरंगों के निर्माण का अनुभव

    नाशिक-पुणे रेलवे लाइन का निर्माण कार्य सबसे बड़ा है, सभी का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि काम किसको मिलेगा। कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पास कोंकण तट और पर्वत घाटियों में सुरंगों को काटकर रेलवे लाईन के निर्माण का विशाल अनुभव है। कंपनी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस के लिए बहुत ही कडे़ स्थानों पर सुरंगों का निर्माण किया है। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर जैसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में रेलवे लाइनों का सफलतापूर्वक निर्माण किया गया है। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने राज्य और केंद्र सरकारों के साथ मिलकर प्रयास किया है कि उनकी कंपनी नाशिक-पुणे सेमी-हाई स्पीड रेलवे का निर्माण करे। सरकार को भेजे गए एक पत्र में कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने विश्वास व्यक्त किया है कि नाशिक-पुणे अर्ध-उच्च गति रेलवे परियोजना का निर्माण न्यूनतम लागत और समय पर पूरा किया जाएगा।