notice in nashik
प्रतीकात्मक तस्वीर

    नाशिक. नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) ने अंबड-सातपुर औद्योगिक एस्टेट (Ambad-Satpur Industrial Estate) के 26 उद्योगपतियों के खिलाफ बारिश के पानी और भूमिगत नालों में प्रदूषित पानी बहाकर नंदिनी नदी को प्रदूषित (Polluted) करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस (Notice) जारी किया है। भूमिगत नालों में सीधे रासायनिक अपशिष्ट को छोड़ने के कारण यह कार्रवाई की गई।  इस बीच 9 जून को महापौर ने नंदिनी नदी के प्रदूषण का निरीक्षण कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। 

     उसके बाद पर्यावरण विभाग ने संभागीय अधिकारियों से सर्वेक्षण कराया।  सर्वेक्षण में पाया गया कि मनपा की वर्षा जल निकासी योजना और भूमिगत जल निकासी योजना में सातपुर, अंबड औद्योगिक संपदा की 26 कंपनियों ने अपने रासायनिक अपशिष्ट जल का निर्वहन किया है। इसलिए कमिश्नर कैलास जाधव ने इन सभी प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसी के तहत पहली बार निगम के पर्यावरण विभाग ने 26 कंपनियों को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया है। 

    महापौर ने किया था नंदिनी नदी का निरीक्षण  

    देखने में आया कि महापौर के आदेश के बाद निगम का पर्यावरण विभाग सक्रिय हो गया।  नंदिनी नदी के प्रदूषण पर खुद महापौर सतीश कुलकर्णी ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसके अनुसार हुई बैठक में बताया गया कि अंबड-सातपुर एमआईडीसी की कई कंपनियों की सीवरेज लाइन को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे ड्रेनेज लाइन में जोड़ दिया गया है।  इसके बाद इस नदी बेसिन में रासायनिक अपशिष्ट जल का निर्वहन करने वाली कंपनियों के खिलाफ निगम की कार्रवाई ने गति पकड़ ली है।