मंडियों में पाचवें दिन शुरू हुई प्याज की नीलामी

लासलगांव. आखिरकार पाचवें दिन प्याज नीलामी की समस्या हल हो गई है. केंद्र सरकार ने 25 टन से अधिक प्याज भंडारण नहीं करने का नियम बनाया था. इस कारण से पिछले चार दिनों से नाशिक जिले की लासलगांव सहित प्रमुख कृषि उपज मंडियों में प्याज की नीलामी बंद थी. इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के बीच बैठक हुई. बैठक में सूचना करने के बाद शुक्रवार को पाचवें दिन लासलगांव मंडियों में प्याज की नियमित नीलामी शुरू हुई. इससे किसानों को राहत मिली है.

लासलगांव मंडी समिति में प्याज का 5 हजार 900 रुपए का दाम घोषित हुआ. प्याज के दामों में लगातार उछाल हो रहा है. दामों को नियंत्रित करने के लिये केंद्र सरकार ने प्याज के भंडारण पर पाबंदी लगाई है. इससे नाराज होकर व्यापारियों ने नीलामी का बहिष्कार किया  था. परिणामस्वरूप विगत चार दिनों से मंडियों में प्याज की नीलामी नहीं हो पाई. जिले कि 15 प्रमुख मंडियों में यही स्थिति बनी रही. इस दौरान 120 करोड़ का कारोबार ठप्प रहा. आखिरकार पाचवें दिन मंडी समितियों में नीलामी शुरू हुई. लासलगांव मंडी समिति के उप मंडी विंचूर में शुक्रवार को अधिकत्तम 6 हजार 351 रुपए का दाम मिला. लासलगांव मंडी समिति में 306 वाहनों से 3292 क्विंटल प्याज की आवक हुई. अधिकत्तम दाम 6004 रुपए, औसतन 5501 रुपए, न्युयनत्तम 1011 रुपए प्रति क्विंटल का दाम मिला.

किसान परिवार परेशान हैं

अधिक बारिश के कारण चाली में भंडारण की हुई और लाल प्याज का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. इसलिए वर्तमान में भले ही प्याज को थोड़ा अधिक दाम मिल रहा है, लेकिन इसका फायदा किसानों को नहीं हो रहा है. नई फसल जब तक हाथ में नहीं आती तब तक परिवार का खर्च चलाने की चिंता किसानों को सता रही है. 

-शरद नागरे, प्याज उत्पादक किसान