कोरोना के साथ बढ़ रहा डेंगू का भी प्रकोप

  • अक्टूबर और नवंबर में मरीजों की संख्या में वृद्धि
  • डेंगू की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार लोगों पर 200 जुर्माना

नाशिक. जहां दिवाली में हुई भीड़ के कारण शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं साथ-साथ डेंगू का प्रकोप भी बढ़ रहा है. अक्टूबर के साथ-साथ नवंबर के 27 दिनों में डेंगू के 75 मामलों का पता चला है, जिसके कारण स्वास्थ विभाग का जोखिम बढ़ गया. पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू का प्रकोप थोड़ा कम है, लेकिन अक्टूबर और नवंबर में रोगियों की संख्या में वृद्धि ने मनपा प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

डेंगू की रोकथाम के लिए मनपा ने जागरूकता अभियान चलाया है और डेंगू के मच्छरों की उत्पत्ति स्थान का पता लगाते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है. पिछले 7 महीनों से कोरोना ने नाशिक निवासियों को बांध कर रखा है. अगस्त और सितंबर में कोरोना का प्रकोप सर चढ़कर बोलने लगा. लेकिन अक्टूबर और नवंबर के दूसरे सप्ताह तक कोरोना का स्तर नीचे था. दिवाली के खरीदारी की भीड़ के कारण कोरोना के संकट ने फिर सिर उभार लिया है. कोरोना पर कंट्रोल के लिए काम करते समय स्वास्थ्य विभाग को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं. 

स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बना 

अब कोरोना के साथ-साथ डेंगू का भी प्रकोप स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है. हर साल नाशिक में डेंगू का प्रकोप देखा जाता है. इस वर्ष कोरोना के कारण नागरिकों के बीच जागरूकता के कारण कुछ राहत मिली है, लेकिन डेंगू ने अब वापसी कर ली है. हालांकि बारिश के मौसम में डेंगू राहत लेकर आया, लेकिन यह ठंड के मौसम के कारण बढ़ रहा है. 14 जुलाई, 28 अगस्त, 29 सितंबर और अक्टूबर इन दिनों में 56 मरीज मिले हैं. कोरोना के कारण प्रशासन डेंगू की अनदेखी करने लगा है, ऐसा माना जा रहा है. इसका असर नवंबर में देखा गया, जिसमें डेंगू के मामलों में बड़ी वृद्धि हुई. 

पिछले साल से कम मामले

पिछले 27 दिनों में डेंगू के 75 नए मामलों का पता चला है. यह संख्या केवल मनपा के अस्पताल की है. निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले डेंगू के रोगियों की संख्या अधिक है. इस बीच डेंगू के बढ़ते प्रकोप की पृष्ठभूमि में मनपा चिकित्सा विभाग ने शहर में डेंगू जागरूकता अभियान शुरू किया है. डेंगू की उत्पत्ति का पता लगाया और नष्ट किया जा रहा है. घरों की भी जांच की जा रही है और डेंगू की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार नागरिकों को दंडित किया जा रहा है. 

कोरोना ने नागरिकों को किया जागरूक 

कोरोना ने इस वर्ष नागरिकों को महामारी के बारे में जागरूक किया है. नागरिकों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के कारण डेंगू की घटना पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम है. मनपा के चिकित्सा विभाग ने दावा किया है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष इस बीमारी के रोगियों की संख्या कम है. पिछले साल जनवरी से नवंबर तक 11 महीने की अवधि के दौरान डेंगू के 1124 मामलों का पता चला था. इस साल पिछले 11 महीनों में 282 लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए गए. डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है.