Oxygen supply through pipeline, Nashik became the first district in the state

    नाशिक. पिछले साल जिले के उप जिला अस्पताल, ग्रामीण अस्पतालों में ऑक्सीजन पाइप लाइन (Oxygen Pipeline) का काम पूर्ण किया गया। पाइप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति (Oxygen Supply) करने वाला नाशिक राज्य में पहला जिला बन गया है। कोरोना की पार्श्वभूमि पर जिले में आई पहली और दूसरी लहर में मरीजों को नाशिक जिला परिषद (Nashik Zila Parishad) के माध्यम से सेवा देते समय आए अनुभव और संभावित तीसरी लहर की पूर्व तैयारी को लेकर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लीना बनसोड ने कहा कि जिले में 1926 गांव हैं। इसमें से 900 गांवों में पहली लहर कोरोना का संक्रमण हुआ। 

    दूसरी लहर में 1750 गांवों में कोरोना पहुंचा। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज थी। जिले के पश्चिमी क्षेत्र में पहली लहर में कम मरीज सामने आए, परंतु दूसरी लहर में मरीजों की संख्या अधिक है। जिले में दोनों लहर में एक भी मरीज नहीं मिले, ऐसे 168 गांव हैं। आज की स्थिति में 900 गांव कोरोना मुक्त हो गए हैं। इन गांवों के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासकीय यंत्रणा, स्वास्थ्य यंत्रणा में सही समन्वय रहा। ग्राम कोविड समिति द्वारा संबंधित विभाग और ग्रामीणों से समन्वय रखने से 900 गांव कोविड मुक्त हुए।

    कोरोना ने बहुत कुछ सिखाया

    कोरोना ने बहुत कुछ सिखाया। दोनों कोरोना लहर से ग्रामीणों की जीवनशैली में बहुत बदलाव आया। मास्क उपयोग को लेकर जनजागृति हुई। लॉकडाउन का पालन भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को हरसंभव मदद की। हर एक तहसील का अनुभव अलग-अलग है। सुरगाणा तहसील के पांगारणे सहित अन्य गांवों में कोविड टेस्ट के लिए कोई प्रतिसाद नहीं मिल रहा था। जनजागृति के बाद ग्रामीणों ने टेस्ट कराई। परिणामस्वरूप मृत्यु दर कम होने में मदद मिली। सही तरह से बताएं तो ग्रामीणों का प्रतिसाद मिलता है। इसलिए मैंने ग्रामीणों से उनकी भाषा में बात की, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला। जिले के महिला बचत गट के 45 उम्र से अधिक वाली 56 हजार महिलाओं में से 30 हजार महिलाओं का टीकाकरण हो चुका है। अब यही महिलाएं गांव-गांव में जनजागृति कर रही हैं। जिले के गंभीर मरीजों को नाशिक शहर में लाने की बड़ी चुनौती थी। परंतु पिछले साल जिले के उप जिला अस्पताल, ग्रामीण अस्पतालों में ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम पूर्ण किया गया। 

     ग्रामीण अस्पतालों में एक हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध रहेंगे

    पाइप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाला नाशिक राज्य में पहला जिला है। इस पाइप लाइन का कोरोना की दूसरी लहर में अच्छा लाभ हुआ। सिन्नर, लासलगांव, पिंपलगांव बसवंत, नांदगांव में डॉक्टरों ने हरसंभव प्रयास किए। इसके चलते जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 80 था, उन पर वहीं उपचार किए। इसलिए डॉक्टरों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। ग्रामीण क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने से आगामी समय में हम किसी भी बीमारी का सामना कर सकते हैं। दूसरी लहर में निजी अस्पतालों से टायअप किया है। जब-जब जिले में मरीजों की संख्या बढ़ेगी, तब-तब ग्रामीण अस्पतालों में एक हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध रहेंगे। साथ ही एक हजार ऑक्सीजन बेड निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराए गए। इसलिए एक ही समय ग्रामीण क्षेत्र में दो हजार मरीजों को हम ऑक्सीजन बेड उपलब्ध कराए गए। 

    तीसरी लहर की पार्श्वभूमि पर इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी की गई 

    कोरोना की तीसरी लहर की पार्श्वभूमि पर इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी की गई है। ऑक्सीजन प्लांट मंजूर किए गए हैं। जून आखिर तक वह खड़े होंगे। जंबो सिलेंडर की व्यवस्था की जाएगी। छोटे बच्चों के लिए बेड, औषधि और पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद भी मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल में व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण अस्पतालों में भी व्यवस्था की जाएगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक औषधोपचार किए जाएंगे।