देवलाली रेल स्टेशन पर बनेगा पादचारी पुल

देवलाली कैम्प. ब्रिटिशों के दौर में बनाए गए देवलाली का समय पादचारी पुल को बने 100 वर्षों से भी ज्यादा समय हो गई. जिसे ध्यान में रखकर उसकी जगह पर ढ़ाई करोड़ रुपए खर्च कर नया पुल बनाने का निर्णय लिया गया है. इसके बाद रेल अधिकारियों ने परिसर का मुआयना किया. तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारियों ने देवलाली परिसर का प्राकृतिक सौंदर्य ध्यान में रखकर प्रथम सेना का केंद्र बनाया.

इसके बाद मुंबई व देवलाली कैम्प के बीच सिंगल रेल लाइन बिछाई, जो बाद में दोहरी हुई. इसके बाद आवागमन के लिए पादचारी पुल का निर्माण किया गया, जिसे 100 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं. इसे ध्यान में रखकर रेल विभाग ने जुलाई 2019 नया पुल बनाने का निर्णय लिया. कोरोना के कारण यह निर्माण प्रभावित हुआ था. मुआयना करने के बाद अधिकारियों ने मार्च 2020 तक पुल का निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी. इस दौरान स्टेशन प्रबांधक मनोज सिन्हा, वरिष्ठ अभियंता एस. सी. शर्मा, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अनुज सिंग, अधिकारी पुरुषोत्तम लाल, मुख्य वाणिज्य अधिकारी दिनकर निमसे, सी. आर. शिंदे, अजय खेंडेलवाल आदि उपस्थित थे.

निर्माण 80 प्रतिशत पूर्ण

एक साल से नए पादचारी पुल का काम शुरू है, जो 80 प्रतिशत पूर्ण हुआ है. पुल की लंबाई 50 मीटर व चौड़ाई 3.66 मीटर है. निकासी व प्रवेश के लिए तीन सीड़ियां होंगी. इसके अलावा रेल वसाहत व नागरी विभाग के आवागमन के लिए व्यवस्था होगी.

-एस.सी. शर्मा, वरिष्ठ अभियंता