मां सप्तशृंगी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को दिए जाएंगे पास

  • ट्रस्ट की ओर से नांदुरी में व्यवस्था
  • श्रद्धालुओं के शरीर के तापमान की भी होगी जांच

कलवण. राज्य में देवी के साढ़ेतीन शक्ति पीठों में से एक अर्धपीठ सप्तशृंगी देवी का मंदिर दर्शन के लिए खुला होने के बाद सप्तशृंगी गढ़ पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिन ब दिन बढ़ रही है. श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था सुचारू रखने और भीड़ के बिना दर्शन मिले, इसके लिए सप्तशृंगी ट्रस्ट ने नांदुरी में दर्शन पास की व्यवस्था की है. साथ ही यहां पर श्रद्धालुओं के शरीर के तापमान की भी जांच की जाएगी.

राज्य के सभी धार्मिक स्थलों में उससे संबंधित सेवा-सुविधा कार्यान्वित की जा रही है. इसके तहत श्रद्धालुओं को बिना भीड़ के दर्शन मिले इसका नियोजन करने के लिए सहायक जिलाधिकारी तथा उपविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार, तहसील दंडाधिकारी, कलवण के दिए गए आदेश के अनुसार विश्वस्त संस्था द्वारा सोमवार को अल सुबह 5 बजे नांदुरी घाट रस्ते पर कमान के नजदीक, टोल प्लाझा के पास दर्शन के लिए पास सुविधा कार्यान्वित की जाएगी.

निर्धारित व्यवस्था के प्रति दिन 5750  श्रद्धालुओं को दर्शन सुविधा उपलब्ध की जा रही है. पिछले 7 दिनों में कुल 46876 श्रद्धालुओं को कोविड-19 नियमों का पालन कर श्री भगवती का दर्शन करवाया गया. प्रति दिन कुल 6696 श्रद्धालुओं को दर्शन मिला. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए विश्वस्त संस्था द्वारा दर्शन का नियोजन किया गया है. इसके तहत नांदुरी में ऑफ लाइन दर्शन पास प्रक्रिया कार्यान्वित की गई है.

ऐसी है दर्शन पास प्रक्रिया

ऑफ लाइन दर्शन पास प्रक्रिया में श्रद्धालुओं का नाम, संपर्क क्रमांक, श्रद्धालु संख्या, पंजीकरण समय, संभाव्य दर्शन का समय, थर्मल गन का उपयोग कर श्रद्धालुओं के शरीर का तापमान जांच करने के बाद श्री भगवती मंदिर दर्शन पास दिया जा रहा है. दर्शन पास यह पैदल मार्ग और रोप के माध्यम से मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं को प्राप्त करना अनिवार्य है. केवल महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल की बस के माध्यम से गढ़ पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्त संस्था का रोप वे कार्यालय और पहली सीढ़ी स्थित चंदा कार्यालय में दर्शन पास उपलब्ध किया जा रहा है. इसके लिए भाविकों को यात्रा का टिकट संबंधित कार्यालय को दिखाना आवश्यक है.

श्रद्धालू सहयोग करें

कोविड-19 संक्रमन टालने के लिए प्रशासन ने नांदुरी में निर्धारित किए गए जगह पर दर्शन पास पंजीकरण और मौजूद कर्मचारियों को सहयोग कर दर्शन पास प्राप्त कर सप्तशृंगी गढ़ पर आए. इससे सभी सरकारी आदेश और नियमों का पालन होगा. पास का नियोजन कर अलसुबह 5 से रात 9 बजे तक दर्शन का लाभ लें.

-सुदर्शन दहातोंडे, व्यवस्थापक, श्री सप्तशृंगी निवासिनी देवी ट्रस्ट, सप्तशृंग गढ़