खतरनाक दीवार को लेकर लोगों में भय

  • नागरिकों ने की नई दीवार बनाने की मांग

मनमाड. मनमाड के समीप स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के ईंधन परियोजना की सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने के बाद बची हुई दीवार भी गिरने की संभावना है. इस दीवार से लगकर पानेवाड़ी गांव का रास्ता जाता है, इसलिए गांव वालों में डर का माहौल है. बची हुई दीवार तोड़कर नयी दीवार बनाये जाने की मांग पूर्व सरपंच अंकुश कातकड़े समेत गांव वालों ने की है.आवाजाही के लिए खतरनाक बन चुकी दीवार को यदि तोड़कर नयी दीवार नहीं बनायी गयी तो आंदोलन किये जाने की चेतावनी गांव वालों ने दी है.

 बारिश में दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया

मनमाड से 7 किमी की दूरी पर पानेवाडी परिसर में वर्ष 1998 में करीब 100 एकड़ पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी की ईंधन परियोजना का निर्माण किया गया है. इस परियोजना में से रोजाना सैकड़ों टैंकरों के जरिये राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जाती है. परियोजना की सुरक्षा के लिए चारों ओर करीब 12 फिट ऊंची दीवार बनायी गयी है. दीवार काफी पुरानी हो गयी है और विगत सप्ताह हुयी बारिश में दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया. जब दीवार गिरी, तब रात का समय था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया है. लेकिन बची हुयी दीवार किसी भी वक्त गिरने की संभावना है. 

पूर्व सरपंच ने दी आंदोलन की धमकी

नागरिकों का कहना है कि गांव में आने-जाने के लिए एक मात्र जो रास्ता है, वह इसी दीवार से सटा हुआ है और दीवार कब गिरेगी, इसका पता नहीं, इसलिए उनकी जान को बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है. कंपनी को चाहिए कि वह इस खतरे को देखते हुए पूरी दीवार तोड़कर नयी दीवार बनवाए, ऐसी मांग गांव के आम लोग कर रहे हैं. उधर गांव के पूर्व सरपंच अंकुश कातकड़े ने कहा कि दीवार को लेकर कई बार कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है, लेकिन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है. अगर कंपनी ने दीवार के मामले को हल नहीं किया तो गांव वालों के साथ मिलकर वह आंदोलन करेंगे, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी है.