संपत्तिधारकों को टैक्स में मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट

  • अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के सामने पेश किया जाएगा प्रस्ताव
  • नगर परिषद की विशेष सर्वसाधारण सभा में मिली मंजूरी

सटाणा. कोरोना की पार्श्वभूमि पर विविध संगठन, राजनीतिक पार्टियों द्वारा दिए गए ज्ञापन के तहत वर्ष 2020-21 कालावधि के लिए सटाणा नगर परिषद क्षेत्र के संपत्तिधारकों को संपत्ति टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव सत्ताधारियों ने विशेष सर्वसाधारण सभा में मंजूर किया. इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के सामने पेश किया जाएगा. कोरोना की पार्श्वभूमि पर व्यापारी संगठन ने वर्ष 2020 कालावधि के लिए सटाणा नगर परिषद के दुकानदारों का 6 महीने का किराया माफ करने की मांग की, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने मर्यादित समय के लिए लागू किए हुए लॉक डाउन के कारण नगर परिषद को हुए नुकसान की भरपाई देने को लेकर वर्तमान में कोई प्रावधान नहीं किया है.

नगर परिषद अधिनियम 1965 की धारा 106 में राज्य सरकार द्वारा किए हुए नियमों के अनुसार छूट देने के कारण होने वाली आय के नुकसान की सरकार के माध्यम से नगर परिषद को प्रति पूर्ति करने को लेकर प्रावधान किया है. नगर परिषद को कोरोना संक्रमण के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को लेकर सरकार अंतिम निर्णय लेगी. उस पर नगर परिषद द्वारा अमल करने की बात कही गई.

ऑनलाइन आम सभा में इनकी रही उपस्थिति

ऑनलाइन विशेष आम सभा में नगराध्यक्ष सुनील मोरे, उपाध्यक्ष सुनीता मोरकर, गटनेते राकेश खैरनार, महेश देवरे, नितिन सोनवणे, दिनकर सोनवणे, सभापति राहुल पाटिल, संगीता देवरे, दीपक पाकले, शमा मंसूरी, सुवर्णा नंदाले, बालू बागुल, पुष्पा सूर्यवंशी, सोनाली बैताडे, निर्मला भदाणे, आरिफ शेख, आशा भामरे, रुपाली सोनवणे, भारती सूर्यवंशी, सुरेखा बच्छाव, शमीम मुल्ला, विद्या सोनवणे, मनोहर देवरे, सीओ हेमलता डगले, टैक्स निरीक्षक कैलास चव्हाण, प्रशासन अधीक्षक विजय देवरे, स्वच्छता निरीक्षक माणिक वानखेडे, नगर रचनाकार धनंजय अहिरे, अंतर्गत लेखा परीक्षक किरण अहिरे, संगणक अभियंता गौरव जोपले, संगणक चालक दिनेश कचवे आदि उपस्थित थे.

प्रस्ताव मंजूरी का होगा प्रयास: मोरे

सटाणा नगर परिषद के नगराध्यक्ष सुनील मोरे ने कहा कि, सटाणा नगर परिषद की विशेष आम सभा में संपत्ति टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने को लेकर व नगर परिषद के दुकानदारों का 6 महीने का किराया माफ करने का प्रस्ताव पारित किया गया. यह प्रस्ताव जल्द ही सरकार के सामने प्रस्तुत कर अंतिम मंजूरी लेने का प्रयास किया जाएगा.