Water Crisis

    नाशिक. जून के अंत के बाद जुलाई माह के भी 10 दिन निकल गए हैं लेकिन भारी बारिश के ना होने से नाशिक शहर (Nashik City) में पानी कटौती का संकट गहरा गया है। नाशिक को पानी की आपूर्ति करने वाले गंगापुर बांध (Gangapur Dam) में पिछले साल की तुलना में पानी का भंडार (Storage) कम हो गया है। जलसंपदा विभाग (Water Resources Department) ने नाशिक महानगरपालिका  (Nashik Municipal Corporation) को पानी कम करने के लिए पत्र लिखा है।  किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि बारिश ने इस मौसम में नाशिक जिले से मुंह मोड़ लिया है।  जिले के 24 छोटे और बड़े बांधों में पिछले साल की तुलना में कम पानी बचा है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि नाशिक के निवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। 

    जलसंपदा विभाग का महानगरपालिका  को पत्र 

    नाशिक शहरवासियों के लिए जल संकट गहरा गया है। गंगापुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के ना होने से पानी कटौती का संकट खड़ा हो गया है। गंगापुर बांध में पिछले साल से कम पानी होने के कारण जल संसाधन विभाग ने महानगरपालिका  को पानी कम करने के लिए पत्र लिखा है।  पानी का संयम से उपयोग करने के अलावा, अतिरिक्त पानी का उपयोग करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी भी है।  अभिभावक मंत्री छगन भुजबल इससे पहले भी महानगरपालिका  के अधिकारियों को पानी काटने के लिए समय पर निर्णय लेने का आदेश दे चुके हैं। 

    नासिको में बांधों में 27% जल संग्रहण 

    नाशिक जिले के छोटे-बड़े बांधों में सिर्फ 27 फीसदी पानी बचा है।  नाशिक शहर को पानी की आपूर्ति करने वाला गंगापुर बांध पानी के भंडार में कमी के कारण पानी की कमी का सामना कर रहा है। 

    नाशिक जिले में सूखे की मार 

    जून के बाद भी जुलाई के दस दिन बीत गए है लेकिन बारिश ने जिले से मुंह मोड़ लिया है।  किसान फिलहाल बारिश का इंतजार कर रहे हैं।  बारिश ने ग्रामीण इलाकों में खेती के कामों को भी धीमा कर दिया है।  नाशिक जिले में कम बारिश के कारण सूखे की स्थिति पैदा हो गई है।

    किसानों के सामने दोहरी बुवाई का संकट 

    नाशिक जिले में पिछले 15 दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण पहले चरण में बुवाई करने वाले किसानों को अब दोहरी बुवाई का संकट झेलना पड़ रहा है।  रोहिणी नक्षत्र में हुई बारिश पर ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसान बुवाई कर पाए।  लेकिन मृग नक्षत्र में बारिश नहीं हुई है।  नाशिक जिले के कई किसानों के संकट में आने की आशंका है।  जिले ने पिछले सप्ताह खरीफ रकबे में 3.22 फीसदी बुवाई की है। लेकिन अब बारिश ना होने के कारण यह बुवाई बर्बाद होने की संभावना है।