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धुलिया. बेमौसम बारिश, बादल छाए रहने और तहसील के कुछ हिस्सों में कोहरे के कारण रबी के गेहूं और चने के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका किसानों के द्वारा व्यक्त की जा रही है. साथ ही फसलों पर कीट लगने का भी खतरा भी मंडरा रहा है. कीटों को नियंत्रित करने के लिए किसानों को कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ रहा है. परिणाम स्वरूप, किसानों को मौसम के बदले तेवर के कारण दोहरे वित्तीय आघात का सामना करना पड़ रहा है .

तहसील समेत शहर में किसान समय-समय पर प्राकृतिक विपदाओं से परेशान हो रहा है. इस साल खरीफ के दौरान और अब रबी फसलों की शुरुआत में किसानों को प्रकृति आपदा का सामना करना पड़ रहा है. इस साल खरीफ के मौसम में अगस्त महीने में जोरदार बारिश हुई. फसल तैयार होने के समय ही समय एक बार फिर से बारिश का सामना किसानों को करना पड़ा. बारिश होने से कपास, उड़द, मूंग, मका आदि फसलों पर बड़ा बुरा असर हुआ था. किसानों के हाथ में आई फसलें बर्बाद हो गई.

किसानों को होना पड़ा निराश

इस वर्ष अच्छी बारिश हुई थी. जिससे सर्दियों में ठंड बढ़ने का कयास लगाया जा रहा था .तहसील में किसानों ने रबी में अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन रबी के मौसम की शुरुआत में उन्हें निराश होना पड़ा. जिला  समेत तहसील के कई गांवों में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई. पिछले 7 दिनों से मौसम भी खराब था, दो दिनों से घना कोहरा छाया हुआ था. कुल मिलाकर जलवायु में यह बदलाव फसलों के लिए ठीक नहीं है, इससे भी किसान चिंतित दिखाई दे रहे हैं.

दोहरा आर्थिक आघात

जलवायु में परिवर्तन के कारण रबी में गेहूं, चना और तुअर पर रेबीज, मावा समेत कीट लगने से फसलों को नुकसान हुआ. इससे उत्पादन में कमी की संभावना सामने आयी है. इसके साथ ही फसलों पर होने वाली कीटों को नियंत्रित करने के लिए किसानों को कीटनाशकों का छिड़काव करना होगा. इसके चलते किसानों को दोहरा आर्थिक आघात झेलने की संभावना कृषि विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की जा रही है.