शीघ्र हल होगा राशन कार्ड का मुद्दा

  • तहसील कार्यालय में योजना बैठक का आयोजन
  • तहसीलदार ने दिया आश्वासन

अमलनेर. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार आदिवासी परिवारों, सभी आदिवासी मजदूरों और कृषि परिवारों को राशन कार्ड प्रदान करने के लिए लोक संघर्ष मोर्चा के माध्यम से तालुका के 154 गांवों में तहसीलदार कार्यालय में योजना बैठक आयोजित की गई. तहसील प्रशासन की इस बैठक में लोक संघर्ष मोर्चा की प्रतिभा शिंदे ने कहा कि अमलनेर तहसील के 154 गांवों में आदिवासी परिवारों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लोक संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता गांवों में जाएंगे और प्रत्येक गांव में जरूरतमंद लोगों के आवेदन भरेंगे और अक्टूबर के महीने में राशन कार्ड तैयार किए जाएंगे.

तहसीलदार मिलिंद कुमार वाघ ने तत्काल राशन कार्ड के मुद्दे को हल करने का वादा किया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. प्रतिभा शिंदे ने राशन कार्ड के लिए चालान के भुगतान के मामले के बारे में मुद्दे उठाए. जिस पर तहसीलदार वाघ ने कहा कि शासकीय शुल्क  की रकम आदिवासी विभाग की योजना से पूरी कराए जाएगी.

कोरोना से चौपट हुई अर्थ व्यवस्था

कोरोना संक्रमण के कारण ग्रामीण महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है.जिसके चलते लोगों की आर्थिक शक्ति समाप्त हो गई है. राशन और  रोजगार  ग्रामीणों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, इसके समाधान के रूप में, महाराष्ट्र सरकार ने 5 अगस्त 2020 को एक परिपत्र जारी किया जिसमें कहा गया है कि मनरेगा इसके लिए बहुत उपयोगी होगा और सभी को रोजगार उपलब्ध होगा. ग्रामीण इलाकों में आदिवासियों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं.

लोक संघर्ष मोर्चा ने की चर्चा

इस मांग की पूर्ति करने के लिए तहसील प्रशासन से चर्चा और सहयोग की अपील बैठक में लोक संघर्ष मोर्चा के पन्नालाल मावले, मधुकर चव्हाण, रियाज मौलाना, राजू मोरे, अविनाश पवार, रावसाहेब पवार, संदीप घोरपडे, संदीप सूर्यवंशी, राजेंद्र चव्हाण, सुनंदा भिल, हीराबाई भिल, मंगलबाई भिल, इंदुबाई भिल, नीलाबाई भिल, आप्पा दाभाडे, गुलाब सालुंके, बालिक पवार, शांताराम चव्हाण, गणेश चव्हाण, छोटू सोनवणे, विलास भिल,रविंद्र भिल, संजय भिल आदि कार्यकर्ताओं ने की है.