चीनी सामान न खरीदने का संकल्प

चीन के प्रति देशवासियों में भारी गुस्सा

सड़क पर उतरे ब्यापारी

मनमाड. चीन ने हमेशा की तरह इस बार भी भारत की पीठ में खंजर घोंपा है. सीमा पर हुए खूनी संघर्ष में हमारे 20 जवान शहीद हो गए, इस घटना से चीन के खिलाफ देश की 130 करोड़ जनता में भारी आक्रोश है. मनमाड शहर में आम जनता के साथ-साथ व्यापारी भी शनिवार को सड़क पर उतरे और उन्होंने चीनी ड्रैगन को सबक सिखाने के लिए चीनी वस्तुओं का दहन किया. इस अवसर पर संतप्त व्यापारियों ने चीन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए चीनी वस्तुओं की खरीद-फरोख्त न करने का संकल्प लिया. चीन हमेशा ही भारत के साथ दगाबाजी करता आया है.

हमेशा करता है दगाबाजी

एक ओर चीन चीनी हिंदी भाई-भाई का नारा देता है और दूसरी ओर पीठ पर खंजर घोंपने का काम चीन द्वारा किया गया है. इस बार भी चीन ने सीमा पर हमारे जवानों पर हमला करके 20 जवानों को शहीद किया है जिसके कारण समूचे देश में चीन को लेकर असंतोष का माहौल  है.मनमाड शहर में भी व्यापारी एवं आम लोगों में इतना गुस्सा उपजा कि वे सड़क पर निकल आये और चीनी वस्तुओं का दहन किया. इस अवसर पर संतप्त व्यापारियों ने चीन मुर्दाबाद,भारत माता की जय, हमसे जो टकरायेगा मिट्टी में मिल जायेगा आदि नारे लगाये. 

देशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान

चीन हमारे देश में वस्तुओं को बेचकर उससे मिलने वाली राशि हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है, अब वक्त आ गया है कि हम सभी देशवासी चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करके देशी वस्तुओं को अपनायें ऐसा आह्वान व्यापारी संगठन के कल्पेश बेदमुथा ने किया. साथ ही सभी व्यापारियों ने आगे जीवन में कभी भी चीनी सामान न खरीदेंगे और न बेचेंगे ऐसी सपथ ली है, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स,मनमाड शहर व्यापारी महासंघ,सराफा एसोसिएशन,किराना महासंघ,मेडिकल एसोशियन आदि संगठनों के नेतृत्व में किये गए इस आंदोलन में जेंद्र पारीक,अरुण सोनवणे,योगेश भंडारी,शामकांत शिरोडे,गुरुदीपसिंह कांत,राकेश लावणी संतोष लुणावत,किशोर नावरकर,दीपक शर्मा,रामानंद लोढा,अभिजीत लोढा,परेश बुरड,बलबीर सिंह कांत,संजय मुथा,प्रफुल्ल बोगावत,सागर शिनकर,संदेश बेदमुथा,अमोल देव,कुमार मेहानी,सुधीर बेदमुथा,भरत छावडा समेत बड़ी संख्या में व्यापारी एवं नागरिक शामिल हुए थे.